Assam News: असम के कोकराझार में दो संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, बड़ा नेटवर्क बेनकाब
Assam News : असम के कोकराझार जिले में दो संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि ये दोनों बांग्लादेश स्थित अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) से जुड़े हैं, जो अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) का सहयोगी संगठन है। इस ऑपरेशन को एसटीएफ (विशेष कार्य बल) ने कोकराझार पुलिस के साथ मिलकर अंजाम दिया।
यह ऑपरेशन नामपारा क्षेत्र में मंगलवार रात को चलाया गया। एसटीएफ के महानिरीक्षक पार्थसारथी महंत ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया। संदिग्ध आतंकियों के पास से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि ये लोग देशभर में स्लीपर सेल स्थापित करने की योजना में शामिल थे।

क्या-क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार आतंकियों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए...
- चार हैंडमेड राइफलें (जो AK-47 जैसी दिखती हैं)।
- 34 राउंड लाइव गोला-बारूद और 24 खाली कारतूस।
- दो अन-प्राइमड आईईडी और एक हैंडमेड ग्रेनेड।
- विस्फोटकों में इस्तेमाल होने वाले 14 इलेक्ट्रॉनिक स्विच और डेटोनेटर।
- अधिकतम नुकसान के लिए डिज़ाइन किए गए लोहे के टुकड़े और प्लेटें।
- पटाखों में उपयोग किए जाने वाले स्विच और तार।
अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा
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पुलिस ने संकेत दिया कि यह आतंकवादी नेटवर्क पूर्वोत्तर भारत और अन्य राज्यों में विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहा था।
- बांग्लादेश में राजनीतिक अशांति के बाद नेटवर्क सक्रिय हुआ।
- नवंबर में, केरल में एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था, जिसने भारत में स्लीपर सेल को सक्रिय करने की कोशिश की थी।
- यह कार्रवाई ऑपरेशन प्रघात के तहत हुई, जो एक बहु-राज्यीय पहल है।
- 17-18 दिसंबर की रात को असम, पश्चिम बंगाल, और केरल में आठ संदिग्ध आतंकवादी गिरफ्तार किए गए थे।
- इन कार्रवाइयों ने देशभर में स्लीपर सेल स्थापित करने की कोशिशों को विफल किया।
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पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
- संदिग्धों की योजना और उनके संपर्कों का पता लगाया जा रहा है।
- यह जांच कई राज्यों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में की जा रही है।
ऑपरेशन प्रघात का हिस्सा
आगे की जांच
क्या कहते हैं अधिकारी?
एसटीएफ के विशेष महानिदेशक हरमीत सिंह का कहना है कि हमने आतंकवादी हमले को विफल कर दिया है। यह मॉड्यूल बड़ा है और इसे बेनकाब करने में वक्त लगेगा। स्लीपर सेल से जुड़े अन्य संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
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