Assam Mine: असम की खदान में फंसे 4 मजदूरों के शव बरामद, पांच अब भी फंसे, रेस्क्यू जारी
Assam Mine Accident: असम की दीमा हसाओ जिले में जलमग्न कोयला खदान हादसे में पिछले 6 दिन से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। एनडीआरएफ की टीम ने शनिवार 11 जनवरी को तीन और शव बरामद किए हैं। इससे पहले बुधवार को एक शव बरामद हुआ था। अभी तक खदान से कुल 4 शव बरामद किए गए हैं।
हालांकि, अभी भी पांच मजदूर अंदर फंसे हुए है, जिन्हें रेस्क्यू करने के लिए ऑपरेशन जारी है। पीटीआई और एएनआई की खबर के मुताबिक, यह हादसा दीमा हसाओ जिले की कोयला खदान में हुआ। ये खदान 340 फीट गहरी है, जिसमें पानी भर गया है। शनिवार को सुबह-सुबह बचाव भारतीय सेना और NDRF की संयुक्त ऑरेशन फिर से शुरू हुआ।

NDRF की पहली बटालियन के कमांडेंट HPS कंडारी ने कहा कि अगर सारा पानी निकल जाए, तो हम आसानी से अंदर जाकर सर्च ऑपरेशन चला सकते हैं। अब तक 4 शव बरामद किए गए हैं। आज जो तीन शव बरामद हुए है उनकी पहचान लिगेन मगर (27), कोकराझार के खुशी मोहन राय (57) और सोनितपुर के सरत गोयारी (37) के रूप में की गई।
वहीं, नेपाल के रहने वाले एक मजदूर का शव 8 जनवरी को बरामद हुआ था। अधिकारी ने बताया कि दो दिन तक खदान से पानी निकालने के बाद शव जमा पानी में तैरते हुए पाए गए। सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के गोताखोरों ने शवों को बाहर निकाला।
इस बीच, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, 'उमरंगसू में बचाव कार्य निरंतर जारी है। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त लोगों के साथ हैं, और हम इस कठिन समय में आशा और शक्ति बनाए रखते हैं।' तो वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि खदान से पानी निकालने का काम पूरे दिन पांच पंपों की मदद से जारी रहा।
उन्होंने बताया कि खदान का जलस्तर शुक्रवार को 26 मीटर से घटकर 12 मीटर रह गया है। अधिकारियों के अनुसार,फिलहाल पानी के भीतर रिमोट ऑपरेटिंग व्हीकल (आरओवी) की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस काम में ओएनजीसी और कोल इंडिया द्वारा लाई गई मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अभी भी पांच मजदूर अवैध कोयला खदान में फंसे हुए हैं। हालांकि उनके बचने की उम्मीद बेहद कम है। इस बीच, पुलिस ने अवैध खदान में फंसे मजदूरों के सरदार को गिरफ्तार कर लिया है। मजदूरों का सरदार हादसे के बाद से फरार चल रहा था। वहीं, सीएम ने शुक्रवार रात कहा कि खदान 12 साल पहले बंद कर दी गई थी।
इतना ही नहीं, सीएम ने बताया कि तीन सालों तक खदान असम खनिज विकास निगम के अधीन थी। उन्होंने कहा कि यह अवैध खदान नहीं थी, बल्कि बंद कर दी गई थी। उस दिन मजदूर पहली बार कोयला निकालने के लिए खदान में घुसे थे। कहा कि मजदूरों के नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीएम ने दीमा हसाओ स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य देबोलाल गोरलोसा के परिवार के सदस्य से जुड़े आरोपों के बीच कहा कि यह एक मानवीय त्रासदी है और हमें इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। बता दें कि सोमवार 6 जनवरी को उमरंगसू जिले में कोयला खदान में अचानक पानी भर जाने से कुल नौ मजदूर फंस गए थे।
इस बीच, असम कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने शनिवार को कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर खनन त्रासदी की एसआईटी जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर राज्य में "कमजोर कानून प्रवर्तन और स्थानीय मिलीभगत" के कारण "अवैध खनन बेरोकटोक जारी है।
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