रिकॉर्ड 1.15 लाख रुपए प्रति किलो बिकी असम की ये चाय, जानिए क्या है इसकी खासियत
असम की चाय पूरे दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां पर बड़े स्तर पर चाय की खेती की जाती है। इसी बीच यहां की एक चाय लाख रुपए से ज्यादा किलो की बिक रही है।

असम की चाय देश और दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां पर कई किस्म की चाय उगाई जाती है। इन्हीं में मोनोहारी टी एस्टेट भी शामिल है। यह असम की अरार किस्म की चाय जिसे मनोहारी गोल्ड कहा जाता है। यह चाय एक नीलामी में 1.15 लाख रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिकी है। इस साल प्रीमियम असम चाय हैदराबाद के नीलोफर कैफे में उपलब्ध होगी।
मनोहरी चाय के डायरेक्टर राजन लोहिया ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से हम मनोहारी गोल्ड का निर्माण कर रहे हैं और चाय की मांग और पसंद प्रतिदिन बढ़ रही है। इस साल हमने अपनी उपज का 1 किलो 1.15 लाख रुपए में बेचा। यह असम और राज्य के चाय उद्योग के लिए अच्छी खबर है। लोहिया ने कहा, चाय कोलकाता स्थित एक निजी पोर्टल के माध्यम से बेची गई थी और हैदराबाद स्थित नीलोफर कैफे की तरफ से खरीदी गई।
लोहिया ने कहा कि यह पिछले पांच वर्षों से अपनी गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए। उन्होंने कहा कि ऊपरी असम में एस्टेट ने 16 दिसंबर को 1 लाख रुपए से अधिक की चाय बेची, जो भारतीय चाय की नीलामी में सबसे अधिक कीमत थी। इससे पहले गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र (जीटीएसी) में दिसंबर 2021 को मनोहारी गोल्ड चाय 99,999 रुपए प्रति किलोग्राम में बिकी थी। मोनोहारी गोल्ड चाय राज्य में इससे पहले दो बार 75,000 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड मूल्य पर भी बिक चुकी है।
लोहिया ने कहा कि कंपनी ने 2018 के बाद से लगातार पांचवीं बार इतिहास रचा है। प्रीमियम गुणवत्ता वाली विशेष चाय के लिए समझदार उपभोक्ताओं और चाय के पारखी लोगों की उच्च मांग पर इसे फिर से सबसे महंगा बेचा गया है। उन्होंने कहा कि इससे मिलने वाली कीमत से असम के चाय उद्योग को अपनी खोई हुई प्रसिद्धि वापस पाने में मदद मिलेगी।
जानें क्या है इसकी खासियत
इस चाय के सेवन से शरीर को कई तरह के लाभ भी मिलते हैं। मनोहारी गोल्ड एक दुर्लभ चाय है। यह साल में एक बार बनाई जाती है। तुड़ाई से लेकर उत्पादन तक की पूरी प्रक्रिया कुशल कारीगरों द्वारा की जाती है और पत्तियों को धूप में सुखाया जाता है। विशेष क्लोन की झाड़ियों से उत्पादित, चाय सीमित मात्रा में निर्मित होती है। यही वजह है कि इसकी गुणवत्ता सबसे अलग होती है। उन्होंने कहा कि इस चाय में एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व मौजूद होते हैं। साथ ही चाय में कई अन्य गुण में होते हैं।
भाजपा सांसद ने की राष्ट्रीय पेय घोषित करने की मांग
असम की चाय को भाजपा सांसद ने राष्ट्रीय पेय घोषित करने की मांग है। असम से भाजपा सांसद पबित्रा मार्गेरिटा ने सरकार से असम की चाय को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय पेय के रूप में नामित करने का अनुरोध किया। लोकसभा के शीतकालीन सत्र में शून्यकाल के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को उठाया। सांसद ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि चाय हमारे जीवन का अभिन्न अंग है और हमारी संस्कृति के लिए आवश्यक है। हम में से ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत एक कप गर्म चाय के साथ करते हैं। गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर तक हर घर की रसोई में चाय उपलब्ध है। इसलिए इसे हमारे देश का राष्ट्रीय पेय घोषित किया जाना चाहिए।
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