Assam Flood: ब्रह्मपुत्र नदी का तांडव! मुश्किल में जिंदगी, असम के 194 गांवों में तबाही, डूबे कई घर
ब्रह्मपुत्र नदी ने एक बार फिर असम के मोरीगांव जिले के कई गावों पर कहर ढाया। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा समेत असम सरकार के मंत्री लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को राहत शिविरों तक पहुंचाया जा रहा है। इस बीच गुरुवार को असम के मंत्री अतुल बोरा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौर किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि मोरीगांव करीब 190 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित हैं। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों के के लोगों ने इसे क्षेत्र की पुरानी समस्या बताया है।

असम के मोरीगांव जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिसके चलते हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक जिले के 194 गांव जलमग्न हैं। कुछ बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग मोरीगांव जिले के भूरागांव क्षेत्र में तटबंध पर शरण ले रहे हैं। अब तक असम में बाढ़ से 46 लोगों की मौत हो गई है और स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
पिछले 36 घंटों के दौरान, बाढ़ के पानी ने लगभग 100 सड़कों, 14 पुलों, सात तटबंधों को क्षतिग्रस्त कर दिया है और चार अन्य तटबंधों को तोड़ दिया है। बाढ़ से अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में एक दिन पहले यानी बुधवार को बाढ़ के पानी में डूबने से आठ लोगों की मौत हुई।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पिछले 24 घंटों में आठ लोगों की मौत हो गई, जिनमें सोनितपुर जिले के दो, मोरीगांव, डिब्रूगढ़, दारांग, गोलाघाट, बिश्वनाथ और तिनसुकिया जिले के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। कुल मरने वालों की संख्या 46 हो गई है जबकि तीन अन्य लापता हैं।
राज्य में अभी भी गंभीर है। बाढ़ के चलते 29 जिलों के 16.25 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। धुबरी सबसे बुरी तरह बाढ़ प्रभावित जिला है, जिससे 2,23,210 लोग प्रभावित हुए हैं। 105 राजस्व क्षेत्रों के लगभग 2,800 गाँव अभी भी बाढ़ में डूबे हुए हैं और लगभग 39,451.51 हेक्टेयर फसल क्षेत्र में पानी भर गया है।
24 बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन द्वारा स्थापित 515 राहत शिविरों और वितरण केंद्रों में 3.86 लाख से अधिक लोग शरण ले रहे हैं। एएसडीएमए ने कहा कि बाढ़ में 1120165 जानवर भी प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रतिक्रिया बल (DRF), आपातकालीन सेवाओं, प्रशासन, भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की बचाव टीमें लगी हुई हैं। एक दिन पहले तक जारी रेस्क्यू किए किए अपडेट को लेकर कहा गया कि 8,377 लोगों राहत बचाव कार्यक्रम के तहत बचाया गया है।












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