क्या चुनाव नहीं लड़ पाएंगे असम CM हिमंत बिस्वा सरमा? पत्नी की संपत्ति को लेकर मचा बवाल, क्या कानून कहता है?
Assam Chunav Himanta Biswa Sarma: असम की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। सवाल सीधा है लेकिन असर बड़ा क्या हिमंत बिस्वा सरमा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे? कांग्रेस ने उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग कर दी है और मामला अब चुनाव आयोग तक पहुंच चुका है। विवाद की जड़ में है उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की कथित विदेशी संपत्ति, जिसे लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने चुनावी हलफनामे में पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की कथित विदेशी संपत्तियों का खुलासा नहीं किया। पार्टी का कहना है कि यह जानकारी छिपाना कानून का उल्लंघन है और इसी आधार पर उनकी उम्मीदवारी रद्द की जानी चाहिए। कांग्रेस की तरफ से यह शिकायत ऐसे समय आई है जब चुनावी माहौल पहले से ही गरम है।

कांग्रेस के आरोप क्या हैं?
कांग्रेस नेताओं ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। पवन खेड़ा ने दावा किया कि सरमा की पत्नी के पास संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के पासपोर्ट हैं। इसके अलावा आरोप है कि उनके परिवार के पास दुबई में दो प्रॉपर्टी हैं और अमेरिका के वायोमिंग में कंपनियों के जरिए संपत्ति रखी गई है। कांग्रेस का कहना है कि ये सभी जानकारी चुनावी हलफनामे में नहीं दी गई।
जालुकबाड़ी सीट से हिमंत बिस्वा सरमा की प्रतिद्वंदी बिदिशा नेओग ने भी चुनाव आयोग को दी शिकायत में कहा कि हलफनामे में विदेशी संपत्तियों का जिक्र नहीं किया गया, जबकि फॉर्म 26 के तहत यह जानकारी देना अनिवार्य है।
उन्होंने दावा किया कि दुबई लैंड डिपार्टमेंट के दस्तावेजों के मुताबिक रिनीकी भुयान शर्मा के नाम पर वहां कीमती संपत्तियां हैं। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 36 के तहत नामांकन रद्द किया जा सकता है।
कांग्रेस ने सिर्फ चुनाव आयोग ही नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय से भी शिकायत की है। पार्टी ने मांग की है कि मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की जाए। आरोप है कि विदेशी संपत्तियों और शेल कंपनियों के जरिए लेन-देन किया गया।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कसा तंज
इस मामले में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई भी खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने हिमंता बिस्वा सरमा को खुली चुनौती दी कि वह भगवद गीता पर शपथ लेकर इन आरोपों को खारिज करें। उन्होंने सवाल उठाया क्या परिवार के पास दुबई में प्रॉपर्टी है? क्या गोल्डन वीजा है? क्या विदेश में बिजनेस चल रहा है? और क्या यह सब जानकारी हलफनामे में दी गई है?
इन सभी आरोपों पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह सब चुनाव को प्रभावित करने की साजिश है और इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है।
सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह सामग्री एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप से हासिल की है और उसमें उनकी पत्नी की फोटो तक मॉर्फ की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पत्नी रिनीकी भुयान शर्मा ने पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
क्या कानून कहता है?
अगर कोई उम्मीदवार चुनावी हलफनामे में अपनी या अपने परिवार की संपत्ति की जानकारी छुपाता है, तो यह गंभीर मामला माना जाता है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 125ए के तहत गलत जानकारी देने या जानकारी छुपाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, किसी भी कार्रवाई से पहले आरोपों की जांच और प्रमाण जरूरी होते हैं।
क्या रद्द हो सकती है उम्मीदवारी? (Can Candidature Be Cancelled)
यह सबसे बड़ा सवाल है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि उम्मीदवार ने जानबूझकर जानकारी छिपाई है, तो नामांकन रद्द किया जा सकता है। लेकिन फिलहाल यह मामला जांच के शुरुआती चरण में है और अंतिम फैसला चुनाव आयोग और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
इस विवाद ने असम की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है। एक तरफ कांग्रेस लगातार हमले कर रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे साजिश बता रही है। चुनाव से ठीक पहले इस तरह के आरोपों का सीधा असर मतदाताओं पर भी पड़ सकता है।
हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी से जुड़ा यह विवाद अब सिर्फ एक आरोप नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक और कानूनी मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस की शिकायत, चुनाव आयोग की भूमिका और सरमा का पलटवार इन सबके बीच सच्चाई क्या है,यह आने वाले दिनों में जांच के बाद ही साफ होगा। फिलहाल इतना जरूर है कि इस विवाद ने असम चुनाव को और ज्यादा दिलचस्प और संवेदनशील बना दिया है।












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