Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

असम में क्यों हो रहा है बीफ पर विवाद? BJP पर कांग्रेस नेता लगा रहे हैं हिंदुत्व से 'विश्वासघात' का आरोप

Assam Beef controversy: असम विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद बीफ पर जबरदस्त राजनीति हो रही है। राज्य में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने उपचुनाव में सभी पांच सीटें जीत ली हैं। इनमें कांग्रेस की गढ़ मानी जाने वाली मुस्लिम-बहुल सामगुरी सीट भी शामिल है। विवाद की शुरुआत कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन के इन आरोपों की वजह से हुई कि बीजेपी ने वोटरों को 'बीफ'पार्टी देकर यह जीत दर्ज की है।

बीजेपी के लिए कांग्रेस नेता का आरोप बहुत ही असहज करने वाला है। दरअसल,रकीबुल हुसैन सामगुरी सीट से पांच बार चुनाव जीत चुके हैं। 2021 में भी वह यहां से एमएलए बने थे। लेकिन,उनके लोकसभा चुनाव जीतने के बाद यहां उपचुनाव करवाया गया है। उनकी जगह कांग्रेस ने इस मुस्लिम-बहुल सीट पर उनके 26 साल के बेटे तंजिल हुसैन को टिकट दिया था। लेकिन, बीजेपी के दिप्लू रंजन सरमा ने उन्हें 24,501 वोटों से हरा दिया।

assam bjp congress

वोटरों को बीफ खिलाकर हिंदुत्व से 'विश्वासघात'का आरोप
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते हुसैन ने उत्तर और ऊपरी असम के कई इलाकों में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और बीजेपी पर बंगाली मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए 'बीफ' खिलाकर हिंदुत्व के साथ 'विश्वासघात'करने का आरोप लगाया। लखीमपुर के रंगनदी में असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि यह मूल असमी समुदायों के साथ भी धोखा है,जिनकी उत्तर और ऊपरी असम में आबादी है। उन्होंने इसे सरमा का'दोहरा चेहरा' बताया।

उन्होंने कहा,'जिस हिमंत बिस्वा सरमा को आप उत्तरी असम और ऊपरी असम के लोग पहचानते और जानते हैं,उनका निचले असम में एक बहुत ही अलग चेहरा है...वे कहते हैं कि उन्हें मियां (बंगाली मुसलमान) वोट नहीं चाहिए, लेकिन आपको विश्वास नहीं होगा कि सिर्फ जीतने के लिए,उन्होंने एक गाय को मार डाला और पार्टी दी।'

हिमंत बिस्वा सरमा ने बीफ पर बैन के लिए मांगा कांग्रेस से सहयोग
'बीफ'का विरोध बीजेपी की राजनीति का आधार रहा है। यही वजह है कि हुसैन के आरोपों को सीएम सरमा ने हाथों-हाथ लिया है और कांग्रेस को उसकी पार्टी के नेता के दावों से ही घेरने की कोशिश की है। उन्होंने कहा,'मैं रकीबुल हुसैन को बताना चाहूंगा कि बीफ पर बैन लगनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने खुद भी इसे गलत बताया है....इसलिए, मैं भूपेन बोरा को लिखूंगा और उनसे पूछूंगा कि क्या वो भी रकीबुल हुसैन की तरह बीफ पर प्रतिबंध की वकालत करते हैं और मुझे सिर्फ सूचना दे दें।'

अपने नेता के बयान पर घिर गई कांग्रेस!
मुख्यमंत्री ने आगे कहा,'मैं अगले विधानसभा (सत्र) में बीफ पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दूंगा। तब बीजेपी,एजीपी,सीपीएम कोई यह (पार्टी) नहीं दे सकेगी...हिंदू,मुस्लिम और क्रिश्चियन,सभी को बीफ खाना बंद कर देना चाहिए और सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।'

दरअसल,कांग्रेस नेता जिस उत्तर और ऊपरी असम में भाषण दे रहे थे,उस इलाके में 2021 में कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा था और वहां वह सिर्फ 5 सीटें जीती थी। यह इलाका मूल असमी समुदायों की बड़ी आबादी वाला है।

इसे भी पढ़ें- Karnataka: उपचुनाव में तीनों सीटें कैसे हारी BJP, क्या गुटबाजी से कांग्रेस को मिला फायदा?

वहीं, मुस्लिम-बहुल कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने के बाद और सामगुरी सीट से हिंदू उम्मीदवार के जीतने की वजह से सीएम हिमंत बहुत ही गदगद हैं। वह सामगुरी की जीत को राज्य की राजनीति में मील का पत्थर बता रहे हैं। उनका दावा है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और 2026 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी पांच मुस्लिम-बहुल सीटों उत्तर करीमगंज,दक्षिण करीमगंज,लहरीघाट,रूपोही और सामागुड़ी जीतेगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+