लवासा के मामले पर कांग्रेस का हमला, चुनाव आयोग को बताया पीएम मोदी के हाथों की कठपुतली
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) को चुनाव आयोग (Election Commission) की ओर से आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में क्लीन चिट दिए जाने पर असहमति जताने वाले चुनाव आयुक्त अशोक लवासा आयोग की बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि इस सरकार में संस्थाओं की गरिमा धूमिल हुई है।

अशोक लवासा के मामले में कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले पर एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, 'ये चुनाव आयोग है या चूक आयोग? लोकतंत्र के लिए एक और काला दिन। चुनाव आयोग के एक सदस्य ने बैठकों में शामिल होने से इनकार किया.. जब चुनाव आयोग मोदी-शाह की जोड़ी को क्लीन चिट देने में व्यस्त था तब लवासा ने कई मौकों पर असहमति जताई। सुरजेवाला ने एक और ट्वीट किया, 'आरबीआई के गवर्नर इस्तीफा देते हैं, सीबीआई निदेशक को हटा दिया जाता है, सीवीसी खोखली रिपोर्ट देती है, अब चुनाव आयोग बंट रहा है।'
पीएम मोदी और अमित शाह को क्लीन चिट दिए जाने का मामला
लवासा के मामले पर रणदीप सुरजेवाला ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग उनकी असहमति को रिकॉर्ड करके शर्मिंदगी से बचेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी और अमित शाह को क्लीन चिट देने के मामले पर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने खुलकर अपना विरोध जताया है। उन्होंने इस मामले में एक पत्र भी लिखा है।
अशोक लवासा ने खुलकर अपना विरोध जताया
अशोक लवासा 4 मई से चुनाव आयोग की आचार संहिता उल्लंघन को लेकर होने वाली बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, लवासा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र लिखा है, इसमें उन्होंने कहा कि इन बैठकों में वो तभी शामिल होंगे जब आचार संहिता से जुड़े फैसलों में उनकी असहमति के फैसले को भी ऑन-रिकॉर्ड लिया जाएगा।












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