मणिशंकर अय्यर के बयान पर गहलोत का पलटवार, बोले-ऐसी बातें "सिरफिरा" व्यक्ति कर सकता
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी के ही नेता मणिशंकर अय्यर के विवादास्पद बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अय्यर ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को लेकर जो बयान दिया था, उस पर गहलोत ने नाराजगी जताई और इसे पूरी तरह से निंदनीय करार दिया।
गहलोत ने कहा कि मणिशंकर अय्यर का यह बयान उनकी हताशा और मानसिक तनाव का परिणाम है, जो कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है और इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है। उनकी शब्दों की गंभीरता को नज़रअंदाज़ किया जा सकता है, क्योंकि ऐसी बातें केवल एक "सिरफिरे" व्यक्ति से ही आ सकती हैं। गहलोत ने इस मुद्दे पर मणिशंकर अय्यर के द्वारा किए गए पिछले विवादित बयानों का भी जिक्र किया और कहा कि वह लगातार ऐसे बयानों के कारण पार्टी के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।

अशोक गहलोत ने मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान के प्रति रवैये को भी आलोचना की, जहां उन्होंने भारत और पाकिस्तान को समान स्थिति में रखा और पाकिस्तान की नीतियों का समर्थन किया। गहलोत ने यह भी कहा कि यह कोई सामान्य व्यक्ति नहीं कर सकता, बल्कि एक व्यक्ति को ही इस तरह के बयान देने का साहस होता है जो पूरी तरह से विवेकहीन हो।
क्या था मणिशंकर अय्यर का बयान?
मणिशंकर अय्यर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर सवाल उठाए थे। अय्यर ने कहा कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने और कई अन्य लोगों ने यह सवाल उठाया था कि वह एक एयरलाइन पायलट थे, दो बार यूनिवर्सिटी में फेल हुए थे, तो उन्हें प्रधानमंत्री कैसे बनाया जा सकता है। हालांकि यह वीडियो कब शूट किया गया, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।
राजीव गांधी को लेकर मणिशंकर अय्यर का विवादित बयान
अय्यर ने वीडियो में यह भी कहा कि उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान राजीव गांधी को फेल होते देखा था, जहां पास होना काफी आसान माना जाता था। इसके बाद उन्होंने इंपीरियल कॉलेज लंदन में दाखिला लिया, लेकिन वहां भी वह फेल हो गए। इस पर अय्यर ने यह सवाल उठाया कि ऐसे व्यक्ति को प्रधानमंत्री क्यों बनाया गया।
गहलोत का यह भी कहना था कि मणिशंकर अय्यर की आलोचना उनके व्यक्तिगत विचारों का परिणाम है, न कि पार्टी की सामूहिक विचारधारा का। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से पार्टी को नुकसान हो रहा है और यह पार्टी के आंतरिक विवादों को उजागर करने वाला है।
अशोक गहलोत की नाराजगी: एक नई सियासी दिशा?
अशोक गहलोत का मणिशंकर अय्यर के बयान पर हमला शायद पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव को दर्शाता है। कांग्रेस में चल रहे इस विवाद को देखकर यह सवाल उठता है कि क्या यह पार्टी के लिए एक नया सियासी संकट पैदा कर सकता है, या फिर इस पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications