'घर में नमाज पढ़ने से क्यों है आपत्ति...', मुरादाबाद की घटना पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी
'घर में नमाज पढ़ने से क्यों है आपत्ति...', मुरादाबाद की घटना पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी
नई दिल्ली, 29 अगस्त: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के थाना छजलैट के दूल्हेपुर गांव के दो घरों में सामूहिक रूप से नमाज पढ़ी गई है। इस मामले को लेकर 26 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें से 16 नामजद, 10 अज्ञात हैं। मुरादाबाद की घटना पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये गलत है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा ,''सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 'नमाज' कहीं भी पढ़ी जा सकती है। घर में नमाज पढ़ने से क्यों है आपत्ति? यह अन्याय है।''

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को दबाने की कोशिश हो रही है। ये दौलतमंदों की सरकार है, इसलिए ऐसा किया जा रहा है, जो गलत है।
इस पूरे मामले पर मुरादाबाद के एसपी एसके मीणा ने कहा, ''24 अगस्त को छजलैट थाने की सीमा के तहत नमाज अदा करने के लिए भारी संख्या में लोग जमा हुए। दूल्हेपुर गांव में वहां कोई मस्जिद नहीं थी, सिर्फ 2 घर थे। शिकायत मिलने के बाद दोनों घरों के मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों फिलहाल फरार हैं। मामले की जांच जारी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गांव में रहने वाले एक पक्ष का कहना है कि दूल्हेपुर गांव में दूसरे संप्रदाय का कोई धार्मिक स्थल नहीं है। इसके बाद भी वह दो घरों में एक साथ एकत्र होकर नमाज पढ़ते हैं। इस मामले को लेकर गांवों में विवाद भी हुआ है। बताया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बीच-बचाव कर पूरे मामले को शांत करवाया है।
इस मामले में पुलिस में शिकायत करने वाले लोगों का कहना है कि गांव में कोई मंदिर भी नहीं है, इसलिए हम लोग पूजा करने पास के गांव जाते हैं। इस गांव में हम कोई नई परंपरा शुरू नहीं करना चाहते हैं। हमें पहले दूसरे समुदाय के लोगों को नमाज के लिए मना किया था लेकिन वह फिर भी नहीं माने, इसलिए हमने शिकायत दर्ज करवाई है।












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