Demonetization: नोटबंदी पर ओवैसी के 5 तीखे सवाल, केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप, जानिए क्या कहा?
केंद्रीय रिजर्व बैंक ने अब 2000 रूपए मूल्य के नोटों को बंद करने का फैसला किया है। ऐसे में विपक्ष फिर से नोटबंदी को लेकर भाजपा पर हमलावर हो गया है। AIMIM चीफ ने केंद्र के इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

Asaduddin Owaisi on Demonetisation: केंद्र की मोदी सरकार के पहले कार्य कार्यकाल में नोटबंदी के बाद अब एक बार फिर से अधिक मूल्य के नोटों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस बार केंद्र ने 2000 रुपए मूल्य वाले नोटों को बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में मोदी सरकार एक बार फिर से विपक्षी दलों के निशाने पर आ गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार (20 मई) को केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने नोटबंदी को लेकर एक के बाद एक पांच सवाल किए, जिसमें उन्होंने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
भारतीय रिजर्व बैंकी 2000 रुपए मूल्य के नोटों के बंद करने के कदम पर कड़ा ऐतराज जताया रहा है। मोदी सरकार 2. 0 (Modi government 2.0) भी अब नोटबंदी को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर है। इससे पहले मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में 500 और 1000 रुपए मुल्य के दो बड़े नोटों को बंद किया गया था। इसके बाद 500 के नए नोट के साथ 2000 मूल्य का बड़ा नोट अस्तित्व आया। अब आरबीआई ने 2 हजार के नोट पर बंद करने का फिर ऐलान कर दिया।
मोदी सरकार की दूसरी नोटबंदी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि केंद्र ने अब 500 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने के 'मूर्खतापूर्ण फैसले' को छिपाने के लिए ये सब किया है। उन्होंने इसे बैंड एड बताया। वहीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस नोटबंदी को भारतीयों के साथ 'अरबों डॉलर का धोखा' बताया।
2000 मूल्य को नोटों बंद करने के आरबीआई के फैसले को लेकर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने ट्वीट किया। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा, "शीर्ष अर्थशास्त्री पीएम मोदी से पांच सवाल: @PMOIndia- आपने 2000 का नोट सबसे पहले क्यों पेश किया? क्या हम उम्मीद कर सकते हैं कि 500 के नोट जल्द ही वापस ले लिए जाएंगे? 70 करोड़ भारतीयों के पास स्मार्टफोन नहीं है।" वे डिजिटल भुगतान कैसे करते हैं? आपको डेमो 1.0 और 2.0 करने में बिल गेट्स के स्वामित्व वाले बेटर दैन कैश एलायंस की क्या भूमिका है? क्या एनपीसीआई को चीनी हैकर्स द्वारा हैक किया जा रहा है? यदि हां, तो युद्ध होने पर भुगतान का क्या होगा?"
ओवैसी का ये ट्वीट शुक्रवार को आरबीआई के फैसले की कड़ी आलोचना करने लिए था। दरअसल, आरबीआई ने अपने बयान में कहा है कि 30 सितंबर तक सभी अधिसूचित बैंक 2,000 रुपये के नोटों को बदल देंगे। हालांकि आरबीआई ने यह नहीं बताया कि 30 सितंबर के बाद निजी हाथों में 2,000 रुपये के नोटों की क्या स्थिति होगी। इससे पहले, सरकार ने 500 रुपये और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को जमा करने की समय सीमा समाप्त होने के बाद रखने को अपराध माना था।












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