भारत में महिलाओं पर हो रहा अत्याचार, लेकिन केंद्र को अफगानिस्तान की चिंता: ओवैसी
नई दिल्ली, 20 अगस्त: पिछले एक हफ्ते से दुनियाभर में सिर्फ अफगानिस्तान की चर्चा हो रही है। मौजूदा वक्त में अफगानिस्तान पर पूरा नियंत्रण तालिबानी आतंकियों का है। जिन्होंने शरिया कानून लागू करने का ऐलान कर दिया है। साथ ही महिलाओं को बुर्का पहनने, काम पर ना जाने और अकेले बाहर ना निकलने की हिदायत दी है। कई जगहों पर आतंकी जबरन लड़कियों का अपहरण कर उन्हें सेक्स स्लैव बना रहे। जिस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने चिंता जाहिर की थी। अब इसी मामले में AIMIM चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र पर पलटवार किया है।
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गुरुवार को एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में नौ में से एक महिला की मृत्यु 5 वर्ष की आयु से पहले हो जाती है। यहां महिलाओं पर अत्याचार और अपराध होते हैं, लेकिन केंद्र को इस बात की चिंता है कि अफगानिस्तान की महिलाओं के साथ क्या हो रहा है? क्या यहां पर वो सब नहीं हो रहा?
उन्होंने आगे कहा कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे से पाकिस्तान को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि अलकायदा और दाएश अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में पहुंच चुके हैं। आईएसआई भारत का दुश्मन है। आपको याद रखना होगा कि ISI तालिबान को नियंत्रित करता है और इसे कठपुतली की तरह इस्तेमाल करता है।
मुनव्वर राणा का विवादित बयान
वहीं ओवैसी से पहले शायर मुनव्वर राणा ने भी एक विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीयों को अफगानिस्तान के हालात से डरने की जरूरत नहीं है। जितनी क्रूरता अफगानिस्तान में है, उससे ज्यादा क्रूरता तो हमारे यहां पर पहले से ही है। पहले रामराज था, लेकिन अब कामराज है।
तालिबान पर क्या कह रही सरकार?
हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर से जब ये पूछा गया कि क्या भारत का अभी चरमपंथी समूह के साथ कोई संवाद हुआ है? तो इस पर उन्होंने कहा कि मौजूदा वक्त में हमारी नजर काबुल के तेजी से बदलते हालात पर है। तालिबान और उसके प्रतिनिधि काबुल में हैं। हमें उनसे वहां से बात करनी होगी। आने वाले दिनों में ये अफगानिस्तान के प्रति हमारे नजरिये को तय करेगा। उन्होंने कहा कि ये शुरुआती दिन हैं। इस समय हमारा ध्यान भारतीय नागरिकों (अफगानिस्तान में) की सुरक्षा पर है।












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