ओवैसी ने किया नागरिकता संशोधन बिल का विरोध, बोले- इस देश को बचा लीजिए
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पेश किया। इसके लिए बीजेपी ने पहले ही अपने विधायकों को व्हिप जारी किया था। इस विधेयक के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। विपक्ष इस बिल का लगातार विरोध कर रहा है। एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी लोकसभा में इस बिल का विरोध किया।

असदुद्दीन ओवैसी ने साधा शाह पर निशाना
असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में कहा कि सेकुलरिज्म इस मुल्क का हिस्सा है। ये फंडामेंडल राइट्स का उल्लंघन करता है। सरकार ये बिल लाकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रही है। स्पीकर को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि इस देश को इस कानून से बचा लीजिए, गृहमंत्री को बचा लीजिए। ये कहते हुए ओवैसी ने असंसदीय टिप्पणी की, जिसपर स्पीकर ने ओवैसी को हिदायत देते हुए कहा कि ऐसी असंसदीय भाषा का प्रयोग सदन में ना करें, ये टिप्पणी रिकॉर्ड में नहीं जाएगी।
बिल को लेकर सदन में जमकर हंगामा
बिल के विरोध में ओवैसी ने कहा कि हम इस बिल के साथ भारत को इस्राइल जैसा देश बना रहे हैं। AIMIM प्रमुख ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि ये बिल लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है। वहीं, कांग्रेस, टीएमसी जैसी पार्टियों ने भी सदन में विरोध किया। बिल पेश किए जाने के बाद लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश
नागरिकता संशोधन विधेयक का उद्देश्य छह समुदायों - हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध तथा पारसी - के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है। बिल के जरिये मौजूदा कानूनों में संशोधन किया जाएगा, ताकि चुनिंदा वर्गों के गैरकानूनी प्रवासियों को छूट प्रदान की जा सके। चूंकि इस विधेयक में मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया है, इसलिए विपक्ष ने बिल को भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए उसकी आलोचना की है।












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