आर्यन केस: NCB का दूसरा गवाह भी मुकरा, कहा- वानखेड़े ने जबरदस्ती करवाए सादे कागजों पर हस्ताक्षर
मुंबई, 27 अक्टूबर: इस महीने की शुरुआत में एनसीबी ने मुंबई में एक क्रूज शिप पर छापेमारी की। उस दौरान बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। शुरू में इस केस में सब कुछ साफ नजर आ रहा था, लेकिन सुलझने की बजाए ये मामला उलझता जा रहा है। अब इस केस में एनसीबी का एक दूसरा गवाह भी मुकर गया। साथ ही उसने वानखेड़े पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रभाकर सेल के बाद अब शेखर कांबले ने दावा किया कि एनसीबी जोनल हेड समीर वानखेड़े ने उनसे 10-12 सादे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए थे। जिन्हें बाद में मुंबई के खारगर से एक नाइजीरियाई नागरिक की गिरफ्तारी के संबंध में पंचनामे के रूप में इस्तेमाल किया गया। कांबले के मुताबिक वानखेड़े ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कुछ नहीं होगा। इसके सबूत के तौर पर उन्होंने कॉल रिकॉर्ड भी दिखाए।
गवाह ने आगे दावा किया कि एनसीबी अधिकारी अनिल माने ने बीती रात उनको फोन किया था, साथ ही उन्हें किसी से बात नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने मंगलवार रात को ही टीवी पर खबर देखी, जिसमें खारघर मामले का जिक्र था। तब से वो डरे हुए हैं। उन्होंने ये भी बताया कि आशीष रंजन नाम के एक एनसीबी अधिकारी इस मामले को देख रहे हैं।
प्रभाकर ने कही थी ये बात
वहीं मंगलवार को प्रभाकर सेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि गोसावी और सैम डिसूजा को आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ लेने की बात को उन्होंने सुना था। इसमें 8 करोड़ रुपये एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को दिए जाने थे। समीर ही आर्यन खान ड्रग्स केस की जांच कर रहे हैं। प्रभाकर सेल ने आगे कहा कि वो दबाव या पैसे के लिए ये बयान नहीं दे रहे हैं, ना ही उनका किसी मंत्री के साथ कोई संबंध है।












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