10,000 रुपए वाले डिनर के मेजबान केजरीवाल

सूत्रों की मानें तो इस डिनर में शामिल होने वाले व्यक्तियों ने प्रति प्लेट 10,000 रुपए खर्च किए।
यहां यह बात खासतौर पर गौर करने वाली है कि नागपुर, विदर्भ का हिस्सा है जहां पर पिछले कई वर्षों से किसान कर्ज में डूबे हैं और आत्महत्या करने पर मजबूर हैं।
किसानों से अलग आम जनता भी केजरीवाल से सवाल पूछ रही हैं कि खुद को आम आदमी का रहनुमा बताने वाले अरविंद को क्या यह नहीं मालूम कि एक आम आदमी डिनर तो छोड़िए एक दिन में भी 10,000 रुपए खर्च करने के बारे में नहीं सोच सकता है।
अब कई सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद के इन तरीकों पर सवाल उठा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल को जवाब देने के लिए 10 रुपए में आम आदमी को डिनर सर्व किया।
समीर राछावार और अंजू गोल्वे ने 10 रुपए में लोगों को डिनर सर्व किया। समीर और अंजू ने टुली इंटरनेशनल के बाहर ही लोगों को 10 रुपए में खाना खिलाया।
समीर के मुताबिक उन्हें अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से कोई समस्या नहीं है। लेकिन वह केजरीवाल को एक संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि आज के दौर में आम आदमी कभी भी इतनी बड़ी रकम खाने पर खर्च करने
की हैसियत नहीं रखता है। रछारवार भारतीय सेना को अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
उधर, विदर्भ जन आंदोलन समिति के किशोर तिवारी ने केजरीवाल के इस रवैये पर खासी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो केजरीवाल खुद ही किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाते हैं तो दूसरी ओर वह इस तरह का शाही डिनर भी आयोजित करते हैं।
किशोर के मुताबिक एक ऐसे क्षेत्र में जहां किसानों के घर में चूल्हे नहीं जलते हैं और उन्हें भूखे सोने के लिए मजबूर होना पड़ता है, केजरीवाल का यह शाही डिनर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने के लिए काफी है।
डिनर में जो डिशेज टुली इंटरनेशनल की ओर से मेहमानों को परोसी गईं उनमें पांच तरह की सब्जियां, पांच बेक्ड डिशेज, चार तरह की पूरियां, चावल की तीन तरह की, किस्में, चपाती और तंदूरी रोटी और मीठे के तौर पर आईसक्रीम शामिल थी।
इससे पहले केजरीवाल बेंगलूर में भी पार्टी के लिए फंड जुटाने के नाम पर एक डिनर का आयोजन करने वाले हैं जिसमें शामिल होने के लिए आपको 20,000 रुपए खर्च करने पड़ेंगे।












Click it and Unblock the Notifications