Arvind Kejriwal: पंजाब पर केजरीवाल ने तोड़ी चुप्पी, दिल्ली हारने के बाद फिर दोहराया पुराना दावा
Arvind Kejriwal: दिल्ली में हार के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने रविवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब से नशे को जड़ से खत्म किया जाएगा और नशा बेचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
केजरीवाल ने एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा,'पंजाब में नशे के खिलाफ हमारी सरकार ने महायुद्ध छेड़ दिया है। नशे ने हमारे युवाओं और बच्चों को बर्बाद कर दिया है। नशा बेचने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा और पंजाब से नशे का खात्मा किया जाएगा।'

Arvind Kejriwal: नशा कारोबारियों के खिलाफ जागी 'आप' की सरकार
बता दें कि दिल्ली में आप की करारी हार के बाद से ही पंजाब में भगवंत सिंह मान की सरकार इस मुद्दे पर बहुत ही ज्यादा एक्टिव नजर आ रही है। केजरीवाल के इस बयान के बीच भी पंजाब पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़े अपराधियों (drug peddlers
) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कई बड़े कदम उठाए हैं।
जालंधर जिले के फिल्लौर तहसील के खानपुर गांव में प्रशासन की मदद से दो कथित नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया गया है।
Arvind Kejriwal: नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर सीधा एक्शन
फिल्लौर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) सरवन सिंह ने बताया कि नशा तस्करों ने जिले के दो गांवों में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर लिया था।
उन्होंने कहा, 'कुख्यात नशा तस्कर जसवीर शीरा के खानपुर गांव में बने घर को ध्वस्त कर दिया गया है। इसी तरह, एक महिला नशा सप्लायर की अवैध संपत्ति को भी गिराया गया है। पुलिस का साफ संदेश है कि अगर किसी ने नशे के पैसों से संपत्ति बनाई है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।'
Arvind Kejriwal: पिछले महीने से ही नशा तस्करों के खिलाफ अभियान में जुटी है आप सकार
इससे पहले 24 फरवरी को पंजाब पुलिस और प्रशासन ने तलवंडी गांव के कुख्यात नशा तस्कर सोनू की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाया था। आम आदमी पार्टी के मुताबिक, यह नशा तस्कर पिछले तीन सालों से नशे के कारोबार में लिप्त था और इसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आप प्रवक्ता के अनुसार, सोनू के खिलाफ कुल छह एफआईआर दर्ज की गई थीं। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नशे के धंधे में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में सरकार कोई कोताही नहीं बरतेगी।
Arvind Kejriwal: नशा छुड़ाने और पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाने की भी पहल
इस बीच, पंजाब सरकार ने राज्य में नशा तस्करी और नशे की लत के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू करने की घोषणा की है। सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे नशा छुड़ाने और पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाएं और वहां जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
राज्य सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है, 'पंजाब सरकार कानून प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से आने वाले हफ्तों में नशे के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाने जा रही है। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चिंता का विषय हो सकती है जो नशे के आदी हैं। ऐसे लोगों को धीरे-धीरे नशे की लत से बाहर निकालने के लिए सभी उपाय किए जाएंगे। इसके तहत सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुनर्वास केंद्रों और नशा मुक्ति केंद्रों में पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित करें।'
इसके अलावा, सरकार ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को सभी नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण करने और उनकी तैयारियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
Arvind Kejriwal: केजरीवाल का पुराना दावा हो चुका है फेल!
बीते दिनों केजरीवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल था, जिसमें वे 2022 में पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले सरकार बनने के 6 महीने के भीतर राज्य को नशा मुक्त करने का दावा कर रहे थे। लेकिन, लगता है कि दिल्ली के नतीजों ने उनकी और पार्टी के कान खड़े कर दिए हैं और मानवता के लिए इस खतरे के प्रति उनकी सरकार फिलहाल गंभीर होती नजर आ रही है। (इनपुट-एएनआई)












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