• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अरविंद अरोड़ा: गांवों में कोविड केयर सेंटर खोलने के लिए बेच दी अपनी लाखों की दुकान, बचाई सैकड़ों की जान

|
Google Oneindia News

नई दिल्‍ली, 24 जून। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में जब अपने ही अपनों के काम नहीं आ रहे थे, उसी समय समाज के कुछ ऐसे शख्‍स की तस्‍वीर सामने आई जिन्‍होंनें अपनी जान दांव पर लगाकर कोरोना मरीजों की सेवा की। ऐसी ही मिसाल दिल्‍ली एनसीआर निवासी अरविंद अरोड़ा ने पेश की है। गांव-गांव में कोरोना मरीजों के लिए कोविड केयर सेंटर खोलने के लिए उन्‍होंने अपनी लाखों की दुकान तक बेच दी। आइए जानते हैं कोरोना महामारी में मिसाल पेश करने वाले इस रियल लाइफ हीरो के नेक काम को ।

साहिबाबाद में सीसीटीवी कंपनी के मालिक हैं अरविंद अरोड़ा

साहिबाबाद में सीसीटीवी कंपनी के मालिक हैं अरविंद अरोड़ा

दिल्‍ली एनसीआर में रहने वाले अरविंद अरोड़ा की साहिबाबाद में सीसीटीवी कंपनी के मालिक हैं। एनडीटीवी को हाल ही में दिए गए इंटरव्‍यू में बताया कि कोरोना की दूसरी लहर आने पर अप्रैल से ही लोगों की मदद करनी शुरू की। जब लोग दवा, ऑक्‍सीजन, अस्‍पताल में बेड के लिए दर-दर भटक रहे थे तब अरविंद ने आगे बढ़कर सैकड़ों लोगों की मदद की।

कोविड केयर सेंटर चलाने के लिए अरविंद अरोड़ा ने बेच दी अपनी लाखों की दुकान

कोविड केयर सेंटर चलाने के लिए अरविंद अरोड़ा ने बेच दी अपनी लाखों की दुकान

कोरोना काल से लोगों की मदद कर रहे अरविंद की कोरोना मरीजों की सेवा से प्रभावित होकर अब इनसे कई लोग जुड़ चुके हैं। इनकी टीम के पास हर दिन दर्जनों हर दिन कॉल आते है। अरविंद 50 से अधिक जिलों में कोविड केयर किड पहुंचा चुके है और गांवों में कोविड केयर सेंटर खोलने के लिए जब पैसा कम पड़ने लगा तो इन्‍होंने कोरोना मरीजों की मदद के लिए अपनी 30 लाख रुपए में दुकान तक बेच दी। कीमत की एक दुकान बेची दी और कोविड केयर सेंटर के लिए दवाएं, ऑक्‍सीमीटर, ऑ‍क्‍सीजन सिलेंडर समेत अन्‍य चीजें खरीद कर रखवा रहे हैं। गांव में स्‍थापित किए इन कोविड केयर सेंटर की बदौलत अब तक लाखों ग्रामीणों की जान बचा चुके हैं।

हेल्थ वर्कर के जज्बे ने जीता दिल, पीठ पर बच्चा और कंधे पर बैग रख नौकरी के लिए रोज पार करती है नदीहेल्थ वर्कर के जज्बे ने जीता दिल, पीठ पर बच्चा और कंधे पर बैग रख नौकरी के लिए रोज पार करती है नदी

सीसीटीवी कंपनी आफिस बन गया कोरोना वार रूम

सीसीटीवी कंपनी आफिस बन गया कोरोना वार रूम

अरविंद अरोड़ा की सीसीटीवी कंपनी का ऑफिस पूरा कोविड केयर सेंटर की सामग्रियों से पटा पड़ा है यहां पिछले अप्रैल से कोरोना संक्रमण को हराने के लिए दिन रात काम चल रहा है। यहां दिन भर लोगों की मदद के के लिए दवा समेत अन्‍य सामग्रियां यहां से भेजी जा रही हैं। अरविंद दूर-दराज के गांवों में ऑक्‍सीजन के छोटे सिलेंडज्ञर और थर्मामीटर पहुंचाते हैं और दो गाडि़यों को किराए पर लेकर एंबुलेंस के तौर पर कोरोना मरीजों के लिए यूज कर रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर की शुरूआत में लोगों का दर्द अरविंद अरोड़ा से बर्दास्‍त नहीं हुआ तो इन्‍होंने सोचा अपनी सामर्थ अनुसार लोगों की मदद करूंगा लेकिन कुछ ही समय में सैकड़ों फोन इनके पास आने लगे। रात को अरविंद सो तक नहीं पाते है। अभी कोरोना सरकारी आंकड़ों में भले ही कम हो गया हो लेकिन अभी भी अरविंद के पास कई फोन आते हैं और लोग मदद मांग रहे हैं।

बागपत के इस गांव में अरविंद के कारण बची दर्जनों जान

बागपत के इस गांव में अरविंद के कारण बची दर्जनों जान

अरविंद ने बताया कि बागपत के गांव खट्टा प्रहलादपुर के कोविड केयर सेंटर में जब मैं पहुचा तो दूसरी लहर में सैकड़ों लोग बीमार थे वहां की सरकारी दवाखाना सालों से बंद पड़ा था। वहां के निवासी 15 किमी दूर इलाज के लिए जाते थे। जिसके बाद अरविंद ने गांव- गांव में कोविड सेंटर खोलने का निर्णय लिया और शुरूआत में कोविड केर सेंटर में किट और दवा रखवाई जिससे वहां के निवासियों को मदद मिली। गांव में एक समय ऐसा था कि 25 लोगों की समय पर दवा न मिलने के कारण मौत हो गई थी। तब अरविंद अरोड़ा ने दवा पहुंचाई जिससे लोगों की जान बची।

https://hindi.oneindia.com/photos/actress-zareen-khan-airport-look-viral-oi63364.html

English summary
Arvind Arora: Sold his shop of lakhs to open covid Care Center in villages
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X