राहुल गांधी की पूछताछ पर खुद के ही जाल में फंसी कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हुलिये की पूछताछ पर कांग्रेस ने जमकर केंद्र सरकार को घेरना शुरु कर दिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद में उठाने का फैसला लिया है। लेकिन वहीं अधिकारियों ने वनइंडिया को बताया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है जोकि काफी समय से चल रही है।

अरुण जेटली ने का सदन में बयान
- राहुल गांधी ही नहीं कई अहम लोगों की सुरक्षा के लिए पूछताछ की गयी है।
- पूर्व प्रधानमंत्रियों की भी पहले से पूछताछ की प्रक्रिया है और उसे इसी के तहत अपनाया जा रहा है।
- प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया 1958 से शुरु है।
- सोनिया गांधी, अटल बिहारी से लेकर कई लोगों की पूछताछ की गयी है।
- 526 अन्य लोगों की भी पूछताछ की जा चुकी है।
- उन सभी 526 लोगों की जानकारी ली गयी है, विपक्ष चाहे तो सदन में फार्म में मंगा कर दिखा सकता हूं। बेहतर है विवाद को यही खत्म किया जाए
राहुल गांधी के हुलिये की पहले भी पूछताछ हो चुकी है।
विशिष्ट लोगों की सुरक्षा को मद्देनजर लोगों के बारे में जानकारी पहले से ही ली जाने का नियम है। यह प्रक्रिया 1950 से चल रही है। हालांकि इस प्रक्रिया में अब और जानकारी बटोरने की अनुमति दी जा रही है। राहुल गांधी के हुलिये की पिछले साल भी पूछताछ की गयी थी। लेकिन इससे पहले यह कभी भी मुद्द नहीं बना। यही नहीं सोनिया गांघी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री तक की भी जानकारी हर साल ली जाती है।
राहुल गांधी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी से अनुमति ली गयी थी
दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि राहुल के बारे में पूछताछ से पहले 3 मार्च को पार्टी कार्यालय को सूचित किया जा चुका था। यही नहीं इस पूछताछ के लिए राहुल गांधी के सुरक्षा प्रमुख अधिकारी से इस बारे में अनुमति ली गयी थी। ऐसे में इसे जासूसी कहना निराधार है।
लोगों के हुलिये की पूछताछ इंटरनेट पर नहीं हो सकती
अधिकारी की मानें तो ऐसे विशिष्ट लोगों के हुलिये की पूछताछ इंटरनेट पर नहीं हो सकती है। हालांकि इंटरनेट पर ये जनाकारियां उपलब्ध हैं लेकिन इसके लिए सिर्फ इंटरनेट पर निर्भर नहीं हुआ जा सकता है। कांग्रेस कहती आयी है कि राहुल के बालों और आंखो के रंग की जानकारी इंटरनेट से ली जा सकती है। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि ऐसी सुरक्षा जांच इस तरह से नहीं की जा सकती है। यह प्रक्रिया हर साल दोहरायी जाती है।
526 लोगों की जानकारी एकत्र की गयी
राहुल गांधी एकमात्र व्यक्ति नहीं हैं जिनकी सुरक्षा जांच की गयी है। 526 अन्य लोगों की भी जानकारी एकत्र की गयी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि पीएम मोदी, अमित शाह, सोनिया गांधी की भी सुरक्षा जांच 2014 में की गयी थी जिससे की उनकी सुरक्षा को पुख्ता की जा सके। यही नहीं राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के बारे में भी जानकारी ली जा चुकी है।
पूर्व प्रधानमंत्रियों से भी ली गयी है जानकारी
दिल्ली के पुलिस अधिकारी का कहना है कि सोनिया गांधी की सुरक्षा जांच 1998, 2004, 2009, 2011 और 2012 में भी की जा चुकी है। यही नहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भी 2001 में सुरक्षा के तहत जानकारी ली गयी थी। इनके साथ ही अन्य पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल, एच डी देवेगौड़ा, मनमोहन सिहं के हुलिये की भी जानकारी ली गयी थी।












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