आर्टिकल 370 खत्म होते ही संत समिति और विहिप ने दिखाए तेवर, कहा- कश्मीर में तोड़े गए मंदिरों का हो फिर से निर्माण
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से आर्किटल 370 हटने के बाद किसी भी तरह की हिंसा की घटनाओं पर काबू पाने के लिए सुरक्षा के कड़े इतंजाम किए गए हैं, केंद्रशासित राज्य में धारा 144 लागू है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय संत समिति ने कथित तौर पर तोड़े गए 435 मंदिरों के पुनर्निर्माण की मांग की है।

कश्मीर में मंदिरों का पुनर्निर्माण कराए सरकार- संत समिति और वीएचपी
संत समिति के महासचिव स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंदिरों के पुनर्निर्माण की मांग की है और कहा कि सरकार मंदिर तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे। इन्होंने कहा कि या तो सरकार तोड़े गए मंदिरों का निर्माण करे या ये जिम्मेदारी संत समाज को सौंपे। स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती और आलोक कुमार ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद सूबे में सैकड़ों मंदिरों को तोड़ा गया।

विस्थापितों को पूरी सुरक्षा के साथ पुरानी जगह पर बसाए सरकार- विहिप
इन्होंने कहा कि मंदिरों का पुनर्निर्माण और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। दोनों ने कहा कि आर्टिकल 370 के कलंक को धोने के बाद अब विस्थापितों को पूरी सुरक्षा के साथ पुरानी जगह पर बसाना सरकार का मुख्य दायित्व होना चाहिए। जो परिवार अपनी जन्मभूमि नहीं जाना चाहता है, सरकार ऐसे परिवारों की संपत्ति का उपयोग कर संबंधित परिवार को मुआवजा दे। इसके पहले, आर्टिकल 370 खत्म होने और लद्दाख के जम्मू-कश्मीर से अलग होने के बाद डोगरा समुदाय के संगठन ने भी एक मांग की थी।

डोगरा समुदाय के संगठन ने की थी जम्मू को अलग राज्य बनाने की मांग
गुरुवार को डोगरा समुदाय के एक संगठन ने केंद्र सरकार से जम्मू को कश्मीर से पृथक कर अलग राज्य बनाने की मांग की। डोगरा स्वाभिमान ने कहा था कि जम्मू को कश्मीर के साथ रखकर केंद्रशासित राज्य बनाने की घोषणा से इलाके के लोग हैरान हैं। इस संगठन के संस्थापक राज्य के पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह हैं, जिनको गुरुवार को सुबह नजरबंद कर दिया गया है। जम्मू के गांधीनगर स्थित आवास से उनको बाहर निकलने की इजाजत नहीं है।












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