मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास अब कितने MLA, मंत्री ने बताई संख्या
भोपाल। मध्य प्रदेश में बीजेपी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपने पाले में करके कांग्रेस सरकार की जड़ें हिला दी हैं। एक के बाद एक कई विधायकों के इस्तीफे के बाद भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई है। बैठक के बाद कमलनाथ सरकार में मंत्री ने दावा किया कि, भोपाल में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में 4 निर्दलीय सहित लगभग 100 विधायकों ने भाग लिया है। वहीं ऐसी खबरें हैं कि, कई मंत्री विधायकों को वापस लाने के लिए बेंगलुरु पहुंचे हुए हैं।

कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने कहा, कांग्रेस लड़ने को तैयार है। हमारे पास 94 विधायक हैं। कोई भी पार्टी का मनोबल नहीं तोड़ सकते। जो भी गए हैं वे दोबारा नहीं जीत पाएंगे। सूत्रों ने बताया कि सिंधिया 12 मार्च को अपने समर्थकों और कांग्रेस के कई विधायकों के साथ बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। बीजेपी में शामिल होने से पहले सिंधिया ग्वालियर में अपने समर्थकों को संबोधित कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश में चार निर्दलीय विधायकों ने कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रखा है। ताजा घटनाक्रम में सरकार गिरने के बाद ये विधायक भी पाला बदल सकते हैं। अगर ये चारों विधायक भी बीजेपी के साथ आ जाते हैं तो नई सरकार के समर्थन में विधायकों का आंकड़ा बढ़कर 111 हो जाएगा। बाद में उपचुनाव में बीजेपी को 22 में छह सीटों पर ही जीत हासिल करने की जरूरत होगी। अगर निर्दलीय बीजेपी के साथ नहीं आते तो पार्टी को उपचुनाव में कम-से-कम 10 सीटें जीतनी होंगी। वहीं, कांग्रेस को अगर फिर से सरकार बनानी है तो उसे उपचुनाव में कम-से-कम 21 सीटें जीतनी होंगी क्योंंकि अब उसके विधायकों की संख्या घटकर 94 रह गई है। अगर बीएसपी-एसपी के तीनों विधायकों का समर्थन कांग्रेस के साथ बरकरार रहा तो पार्टी को 18 सीटें जीतनी होगी। अगर चार निर्दलीय विधायकों ने भी पाला नहीं बदला तो कांग्रेस को सिर्फ 14 सीटें जीतनी होगी।












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