7500 करोड़ के निवेश के बाद भारत में बनेंगे iPhone, आएंगी 6000 जॉब्‍स भी, ताइवानी कंपनी फॉक्‍सकॉन का बड़ा ऐलान

नई दिल्‍ली। भारत के लिए एक बड़ी खबर ताइवान से आ रही है। ताइवान की कंपनी फॉक्‍सकॉन मोबाइल्‍स जो एप्‍पल आईफोन को एसेंबल करती है, उसने भारत में एक बिलियन डॉलर निवेश करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि एप्‍पल की तरफ से यह फैसला लिया गया है जिसके तहत अब उत्‍पादन को चीन से बाहर शिफ्ट करने का मन बनाया जा रहा है। सूत्रों के हवाले से न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स ने यह खबर दी है। फॉक्सकॉन कॉन्‍ट्रैक्‍ट के तहत एप्‍पल के साथ काम करती है।

चीन से कहीं और प्रोडक्‍शन के लिए रिक्‍वेस्‍ट

चीन से कहीं और प्रोडक्‍शन के लिए रिक्‍वेस्‍ट

कोरोना वायरस संकट की वजह से अमेरिका और चीन के बीच युद्ध से हालात हैं। इस वजह से अब एप्‍पल अपना उत्पादन चीन से बाहर करना चाहती है। माना जा रहा है कि धीरे-धीरे कंपनी अपना पूरा प्रोडक्‍शन चीन से समेटने के लिए तैयार हो रही है। पहले भी इस तरह की खबरें आई थीं कि कंपनी अब चीन से अपना कारोबार समेटने का मन बना रही है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, 'एप्‍पल की तरफ से अपने क्‍लाइंट्स से कई बार यह अनुरोध किया जा चुका था कि आईफोन के उत्‍पादन को चीन से बाहर कहीं और शिफ्ट किया जाए।'

चेन्‍नई से 50 किलोमीटर दूर प्‍लांट

चेन्‍नई से 50 किलोमीटर दूर प्‍लांट

फॉक्‍सकॉन ने तमिलनाडु के चेन्‍नई से 50 किलोमीटर दूर श्री पेरम्बूर प्‍लांट में निवेश की योजना बनाई है। इस प्‍लांट में पहले ही आईफोन का XR मॉडल तैयार किया जा रहा है। अगले तीन वर्षों तक इस प्‍लांट में फॉक्‍सकॉन निवेश को अंजाम देगी। एप्‍पल के आईफोन के मॉडल्‍स को चीन में फॉक्‍सकॉन की तरफ से तैयार किया जाता है। अब इन्‍हें भी इस प्‍लांट में तैयार किया जाएगा। सूत्रों ने अपन पहचान उजागर करने से मना कर दिया है क्‍योंकि इस बारे में अभी पूरी योजना को विस्‍तृत रूप दिया जा रहा है।

आएंगी 6000 नौ‍करियां भी

आएंगी 6000 नौ‍करियां भी

फॉक्‍सकॉन का हेडक्‍वार्टर ताइपे में है और इस नई योजना के बाद श्री पेरम्बूर प्‍लांट में करीब 6,000 नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे। फॉक्‍सकॉन का एक प्‍लांट आंध्र प्रदेश में भी है। आंध्र प्रदेश में चीन की कंपनी श्‍योमी कॉर्प और दूसरी कंपनियों के लिए स्‍मार्टफोन तैयार होते हैं। फॉक्‍सकॉन के चेयरमैन लियू यंग-वे ने पिछले माह कहा था कि कंपनी भारत में निवेश में तेजी लाएगी। भारत में आईफोन के करीब एक प्रतिशत स्‍मार्टफोन बिकते हैं और इसके बाद भी यह कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारत में ऊंची कीमतों के चलते आईफोन का एक स्‍टेटस सिंबल के तौर पर भी देखा जाता है।

भारत बन सकता है एप्‍पल का एक्‍सपोर्ट हब

भारत बन सकता है एप्‍पल का एक्‍सपोर्ट हब

भारत में आईफोन का निर्माण होने से कई तरह के इंपोर्ट टैक्‍सेज से छुटकारा मिलेगा और इसकी वजह से कीमतों में भी गिरावट आ सकती है। एप्‍पल के कुछ आईफोन ताइवान की विस्‍ट्रॉन कॉर्प के जरिए भी एसेंबल किए जाते हैं। विस्‍ट्रॉन कॉर्प का प्‍लांट बेंगलुरु में है। विस्‍ट्रॉन अब एक नया प्‍लांट खोलने के लिए तैयार है जहां पर एप्‍पल की दूसरी डिवाइसेज तैयार होंगी। हांगकांग बेस्ड टेक्‍नोलॉजी रिसर्चर नील शाह का कहना है कि भारत में चीन की तुलना में मजदूरी काफी सस्‍ती है और धीरे-धीरे यहां पर सप्‍लायर अपना काम बढ़ाएंगे। एप्‍पल इस देश को अपने एक्‍सपोर्ट हब के तौर पर प्रयोग कर सकती है।

मेक इन इंडिया के तहत प्रोडक्‍शन

मेक इन इंडिया के तहत प्रोडक्‍शन

भारत, फॉक्‍सकॉन जैसी कंपनियों की तरफ से तैयार होने वाले दूसरे इलेक्‍ट्रॉनिक प्रोडक्‍ट्स के उत्‍पादन पर भी जोर दे रहा है। पिछले माह भारत की तरफ से 6.65 बिलियन डॉलर की योजना शुरू की गई है। इसके तहत स्‍मार्टफोन बनाने वाली पांच कंपनियों को उत्‍पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्‍साहन राशि देने की पेशकश की गई है। एप्‍पल फोन को भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' योजना के तहत एसेंबल किया जाएगा। साउथ कोरिया की कंपनी सैंमसंग पहले ही अब अपने नोएडा स्थित प्‍लांट्स में निर्मित फोन को दूसरे देशों को निर्यात करने की योजना बना रही है।

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