मनचलों से नहीं ,एंटी रोमियो दल से डर लगता है
एंटी रोमियो दल योगी सरकार के लिए बना चुनौती, लगातार विवादो में रहने की वजह से एंटी रोमियो दल को बंद करना अहम।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी की सत्ता संभालते ही एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया था और एंटी रोमियो का दस्ता लगातार चर्चा में रहा। लेकिन हाल में जो आंकड़े सामने आए हैं उसने इस दस्ते की पोल खोलकर रख दी है, इस दस्ते की सक्रियता के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अपराध और छेड़खानी में कमी नहीं आई है। इसके उलट एटी रोमियो दल लगातार विवादों में रहा, कभी यह दल गलत तरीके से लोगों को परेशान करने, तो कभी लोगों से वसूली करने के आरोप में घिरी।

तमाम विवाद आए सामने
तमाम पुलिस अधिकारियों को इस दस्ते को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसके बाद इस दस्ते ने तमाम इलाकों में मार्च करना शुरु कर दिया था, लेकिन बहुत ही कम समय में इस पहल का दुरउपयोग होने लगा औऱ मोरल पुलिसिंग के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जाने लगा और नाबालिग लोगों को भी इसका शिकार होना पड़ा, यहां तक कि कई असामाजिक तत्वों ने भी मोरल पुलिसिंग करनी शुरु कर दी, जिसके कई वीडियो सामने आए और आखिरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आगे आकर इस दस्ते को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए कहना पड़ा।

स्टिंग ने किया दस्ते का पर्दाफाश
हाल ही में एक टीवी चैनल का जो स्टिंग ऑपरेशन सामने आया है उसने इस दस्ते की हकीकत को सामने लाकर रख दिया है। इस स्टिंग में यह बात सामने आइ कि एंटी रोमियों के नाम पर पुलिसकर्मी फिरौती लेने और निर्दोष लोगों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ऐसे में जिन पुलिस अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई थी वह लोगों को सुरक्षा मुहैया कराए वह अब लोगों से फिरौती और धमकी देने का काम करने लगी है और इसका शिकार निर्दोष लोगों को होना पड़ रहा है।

महिलाओं के लिए बना मुसीबत
भ्रष्टाचार को हर स्तर पर रोकने की कोशिश होनी चाहिए और इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन जब वही लोग भ्रष्टाचार और गलत काम में लिप्त हो जाए जो जिनपर पीड़ितों को बचाने का जिम्मा हो तो हालात काफी गंभीर हो जाते हैं। यूपी में एंटी रोमियो दल के गठन के पीछे सरकार की जो मंशा थी वह यह कि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हो रहे अपराध औऱ छेड़खानी पर रोक लगाई जाए। लेकिन महिलाओं को बचाने की बजाए यह दल इन लोगों के लिए मुसीबत बनकर सामने आया। एंटी रोमियो दल ने उन तमाम असामाजिक तत्वों को एक मौका दिया कि वह सड़कों पर उतरकर लोगों को परेशान करने लगे, इन लोगों ने कानून को हाथ में लेकर लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया और कई जोड़ों के साथ मारपीट भी की। लव जिहाद के नाम पर लोगों को निशाना बनाने वाले लोग भी इस एंटी रोमियो दल के नाम पर लोगों को परेशान करने लगे।

योगी आदित्यनाथ के सामने विकल्प
बहरहाल मौजूदा सरकार को सत्ता में आए बहुत समय नहीं हुआ है, लेकिन जिस तरह से एंटी रोमियो दल विफल हुआ है उसे देखते हुए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसे बंद कर देना चाहिए, क्योंकि एंटी रोमियो दल लोगों के लिए मददगार साबित होने की बजाए मुसीबत का सबब बनकर सामने आया है। महिलाओं को सुरक्षा देने और छेड़खानी को रोकने के लिए प्रदेश के आला पुलिस अधिकारी बड़ा कदम यह उठा सकते हैं कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और इन शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए।












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