नियो इंजन की वजह से हवा में फेल हुआ Go Air विमान का इंजन, बाल-बाल बची 283 लोगों की जान
नई दिल्ली। बैंगलोर से पुणे जा रही गो एयर विमान का इंजन हवा में ही फेल हो गया। उड़ान भरने के बाद के थोड़ी ही देर बाद विमान के इंजन में खराबी आ गई, जिसके बाद विमान की इमरजेंसी लैडिंग कराई गई। आपको बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले भी गो एयर के नियो के इंजन में खराबी आ चुकी है और ऐसा लगातार हो रहा है। इससे पहले फरवरी में लखनऊ के लिए उड़ान भरने के बाद गो एयर की एक फ्लाइट को A320 नियो इंजन में खराबी की वजह से विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी।

ऐसे मामले सामने आने के बावजूद डीजीसीए ने भी अभी तक इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिससे कि इस तरह के इंजन वाले विमानों के उड़ान पर रोक लगाई जा सके। ये घटना ऐसे समय में हुई है जब डीजीसीए ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एक रिपोर्ट दी है जिसमें कहा है कि A320 नियो एयरक्राफ्ट में कोई दिक्कत पेश नहीं आ रही है।
नियो इंजन वाले विमानों में टेकऑफ से ठीक पहले या हवा में उड़ान के दौरान अपने-आप बंद हो जाने की शिकायत आ रही है। इसके बाद डीजीसीए ने इन इंजनों के इस्तेमाल पर रोक लगी दी, लेकिन इसके बावजूद GoAir flight इनका प्रयोग कर रहा है।
आपको बता दें कि बैंगलुरू से पुणे जा रहे इस विमान में 283 यात्री सवार थे। शनिवार को हवा में पहुंचने के साथ ही पायलट को अलार्म के जरिए पता चला कि इंजन 1 में खराबी आ गई है, जिसके बाद पायलट ने फौरन इमरजेंसी लैंडिंग करवाई। आपको बता दें कि नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने इस बारे में जांच के आदेश दे दिए हैं। आपातकालीन मामले सामने आने के बावजूद अब तक डीजीसीए को ए320 नियो इंजनों की तकनीकी परेशानी के बारे में पता नहीं चल सका है।
दरअसल डीजीसीए ने अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है कि ऐसे विमानों को उड़ान भरने से रोका जा सके, जिसमें नियो इंजन लगे हो। गैर करने वाली ये है कि हाल ही में डीजीसीए ने उड्डयन मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कहा है कि ए320 नियो इंजनों के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।












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