कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरु

इतना ही नही भगवान की पूजा करने वाले शंकराचार्य के शिष्यों को भी रथ पर चढने से मना कर दिया गया। सरकार की इस पाबंदी से नाराज पुरी गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने प्रसिद्ध पुरी की रथयात्रा के दौरान रविवार को भगवान जगन्नाथ, उनके बडे भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा जी के दर्शन नहीं करने का निर्णय लिया। विवादों के बीच शुरु हुई इस रथयात्रा के दौरान देश-विदेश से श्रद्धालु ओड़ीसा आते हैं भगवान जग्गनाथ के दर्शन के लिए।
इस यात्रा के दौरान भगवान मंदिर से निकल कर 2 किलोमीटर की यात्रा कर गुंडिचा मंदिर तक जाते है। उनके रथ को खींचकर ले जाया जाता है। फिर गुंडीचा मंदिर में एक हफ्ते तक तीनों देवी-देवताओं को रखा जाता है। इसके बाद उन्हें वापस जगन्नाथ मंदिर लाया जाता है। सात दिन बाद होने वाली वापसी की प्रक्रिया को बहुदा यात्रा कहा जाता है। 9 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश-विदेश से लाखों की तादात में लोग जुटते हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए ओडिशा पुलिस के 6 हजार जवानों को तैनात किया गया है, इसमें एंटी टेररिस्ट स्क्वायड और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी तैनात हैं।









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