बेमौसम बरसात ने डाला अन्ना के इरादों में खलल, वर्धा-दिल्ली 'पदयात्रा' निरस्त
रालेगढ-सिद्धि (महाराष्ट्र)| किसानों के हित के लिए और भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ समाज सेवी अन्ना हजारे 30 मार्च से वर्धा-दिल्ली 'पदयात्रा' शुरू करने वाले थे लेकिन अब वो पदयात्रा निरस्त कर दी गई है। इसके पीछे कारण है देश के कई हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश और ओला-वृष्टि, जिसके कारण अब अन्ना और उनके सहयोगियों का पदयात्रा करना आसान नहीं होगा इस कारण अन्ना ने वर्धा-दिल्ली 'पदयात्रा' निरस्त करने का ऐलान कर दिया है।
गौरतलब है कि अहिंसावादी अन्ना हजारे ने दर्जनों राज्यों से होकर 1100 किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना बनाई थी। यह यात्रा 30 मार्च को वर्धा में गांधी आश्रम से शुरू होकर दिल्ली के रामलीला मैदान में 30 अप्रैल को पहुंचनी थी।
इस पदयात्रा का उद्देश्य सरकार के 'किसान विरोधी' भूमि अधिग्रहण विधेयक के विरोध में जनता की राय बनाना था। महाराष्ट्र और भारत के अन्य हिस्सों के विभिन्न किसान समूहों ने इस पदयात्रा का समर्थन किया था और वे इसमें शामिल होने के लिए अपने स्वयंसेवकों को भेजने की तैयारी में भी थे।
अन्ना हजारे भूमि अधिग्रहण विधेयक में 'किसान विरोधी' प्रावधानों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ हैं उन्होंने कहा था कि यह विधेयक किसान समुदाय के लिए स्वीकार्य नहीं है। विधेयक में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे किसानों को फायदा पहुंचे। सरकार को लोगों और किसानों के मतों पर विचार करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। पीएम केवल बोलते हैं करते कुछ नहीं, हमेंसंशोधनों में कोई रुचि नहीं है हम चाहते हैं कि इसे रद्द कर दिया जाए। लेकिन जब सरकार ने उनकी सुनी नहीं तो उन्होंने इसके खिलाफ 'पदयात्रा' का ऐलान किया था जो कि अब निरस्त हो गया है।













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