'कलंक लेकर नहीं जाऊंगा', किसने लगाया चंपत राय को चुना? खोले टिन्नू यादव के राज, किस सपा नेता से हुई थी मुलाकात
Champat Rai Revelation: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ समय से जारी जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर दिन नई जानकारियां सामने आ रही हैं। इस बीच पूर्व महासचिव चंपत राय से हुई पूछताछ के दौरान कई अहम बातें निकल कर सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने जांच अधिकारियों से साफ कहा कि चोरी की घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
चंपत राय ने यह भी स्वीकार किया कि चढ़ावे की सुरक्षा और उसमें किसी तरह की गड़बड़ी न होने की जिम्मेदारी उनके पास थी। दूसरी ओर, पुलिस ने अदालत से गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला को 48 घंटे की हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की है, जिस पर फैसला होना है। वहीं, फैजाबाद बार एसोसिएशन ने भी आरोपियों के खिलाफ अलग से शिकायत दर्ज कराने का फैसला लिया है। जांच एजेंसियां अब चोरी की रकम, उससे जुड़े लोगों और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं।

पूछताछ में चंपत राय ने क्या खुलासे किए?
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पूछताछ के दौरान चंपत राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि जैसे ही उन्हें चोरी की जानकारी मिली, उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत संदिग्ध लोगों को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी। उनका कहना था कि चोरी की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मामले को दबाने की बजाय कार्रवाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की व्यवस्था और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके पास थी। हालांकि उनका दावा है कि जिम्मेदारी होने का मतलब यह नहीं है कि चोरी की घटना में उनकी कोई संलिप्तता थी।
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'टिन्नू यादव से ऐसी उम्मीद नहीं थी'
पूछताछ के दौरान चंपत राय ने टिन्नू यादव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि टिन्नू काफी लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था और भरोसेमंद लोगों में गिना जाता था। इसलिए उन्हें कभी यह उम्मीद नहीं थी कि वह इस तरह की घटना में शामिल हो सकता है। उन्होंने जांच अधिकारियों से कहा कि जिस व्यक्ति पर उन्होंने भरोसा किया, उसी ने उनके विश्वास को तोड़ा। यही वजह है कि पूरे मामले ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर भी झटका लगा है।
सपा नेता का भी किया जिक्र
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान चंपत राय ने यह भी बताया कि टिन्नू यादव ने इस पूरे मामले की जानकारी समाजवादी पार्टी के एक नेता को दी थी। उनका कहना था कि इसके बाद ही यह मामला तेजी से सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया। हालांकि उन्होंने उस नेता का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताया। जांच एजेंसियां अब इस दावे के हर पहलू की भी जांच कर रही हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने ट्रस्ट में रिश्तेदारों और परिचित लोगों को नौकरी दिए जाने को लेकर भी सवाल किए। अधिकारियों ने पूछा कि किन आधारों पर ऐसे लोगों की नियुक्ति की गई थी। इस पर चंपत राय ने कहा कि जिन लोगों को काम दिया गया, उन्हें जरूरतमंद समझकर नियुक्त किया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला केवल उनका नहीं था। ट्रस्ट के दूसरे सदस्य भी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल थे और सामूहिक रूप से निर्णय लिए गए थे।
FIR दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन रिपोर्ट क्यों नहीं लिखवाई?
पूछताछ में सामने आया कि चोरी का पता चलने के बाद चंपत राय FIR दर्ज कराने के लिए गए थे। हालांकि बाद में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। जब जांच अधिकारियों ने इसका कारण पूछा तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आखिर FIR क्यों नहीं लिखवाई गई, यह अब जांच का एक अहम बिंदु बन गया है। पुलिस इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही है।
'कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा'
मिली जानकारी के अनुसार, चढ़ावा चोरी मामले के बीच चंपत राय ने अपने कुछ करीबी लोगों से बातचीत में कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा अब पूरी हो चुकी है, लेकिन वह किसी भी तरह का कलंक लेकर यहां से नहीं जाना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों पर उन्होंने सबसे ज्यादा भरोसा किया, उन्हीं लोगों ने उनका विश्वास तोड़ा। सूत्रों का कहना है कि चोरी की घटना के बाद से वह काफी आहत हैं और सार्वजनिक तौर पर सामने आने से भी बच रहे हैं।
SIT जांच शुरू होने के बाद से एकांत में रह रहे हैं
जानकारी के अनुसार, SIT जांच शुरू होने के बाद से चंपत राय राम मंदिर परिसर में स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन के ऊपरी हिस्से में रह रहे हैं। चोरी का मामला सामने आने के बाद वह लगातार सवालों के घेरे में हैं। इसी दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा भी दे दिया था। इस्तीफे के बाद से उन्होंने मीडिया के सामने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि सूत्रों के जरिए उनकी कई बातें सामने आ रही हैं।
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