अनिल देशमुख की भ्रष्टाचार मामले में जमानत याचिका सीबीई कोर्ट ने की रद्द, रहेंगे सलाखों के पीछे
अनिल देशमुख की भ्रष्टाचार मामले में जमानत याचिका सीबीई कोर्ट ने की रद्द, रहेंगे सलाखों के पीछे
Anil Deshmukh: महाराष्ट्र में महा अघाडी सरकार में गृह मंत्री रहे अनिल देशमुख को सीबीआई अदालत से शुक्रवार को तगड़ा झटका लगा है। भ्रष्टाचार मामले में देशमुख की जमानत याचिका को कोर्ट ने रद्द कर दी है।

मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी के नेता अनिल देशमुख की जमानत याचिका खारिज कर दी। उसके खिलाफ प्रीमियर जांच एजेंसी द्वारा अप्रैल 2021 में मामला दर्ज किया गया था।
बता दें देशमुख को पहली बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2 नवंबर, 2021 को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह न्यायिक हिरासत में हैं और मुंबई की आर्थर रोड जेल में जेल की सजा काट रहे हैं। उन्हें पिछले हफ्ते कोरोनरी एंजियोग्राफी के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
4 अक्टूबर को इस मामले में जमानत मिली थी
ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉड्रिंग मामले में बंबई उच्च न्यायालय द्वारा 4 अक्टूबर को देशमुख को जमानत मिलने के तुरंत बाद मामले में राहत मांगी थी। गुरुवार को विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एसएच ग्वालानी ने जमानत याचिका पर दलीलों पर सुनवाई पूरी की और इसे आदेशों के लिए बंद कर दिया।
देशमुख पर लगा है ये आरोप
गौरतलब है कि मार्च 2021 में मुंबई पुलिस के पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी परम बीर सिंह ने आरोप लगाया था कि महा विकास अघाड़ी सरकार में तत्कालीन गृह मंत्री देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को मुंबई में रेस्तरां और बार से प्रति माह 100 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का टॉरगेट दिया था।
जानें देशमुख कैसे पहुंचे जेल
हाई कोर्ट ने अप्रैल 2021 में सीबीआई को प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया था। इस जांच के आधार पर सीबीआई ने देशमुख और उनके सहयोगियोंके खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और आधिकारिक शक्ति के दुरुपयोग के लिए एफआईआर दर्ज की। इसके तुरंत बाद उन्होंने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया और हाई कोर्ट ने ने मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया।












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