आंध्र प्रदेश: शर्मिला ने एससीएस की लड़ाई को पहुंचाया दिल्ली, पीएम मोदी पर धोखा देने का लगाया आरोप
आंध्र प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ हाथ मिला चुकी वाई.एस. शर्मिला एससीएस की लड़ाई को दिल्ली तक पहुंचा दिया है। एससीएस की मांग को लेकर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आंध्र प्रदेश के लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया है। जिसके बाद एससीएस को लेककर सियासत गरमाती नजर आ रही है।

आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला ने ने अपने धरने के दौरान पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि प्रधान मंत्री मोदी ने कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रस्तावित पांच साल के मुकाबले आंध्र प्रदेश को 10 साल के लिए एससीएस देने का वादा किया था, लेकिन बाद में वे इससे मुकर गए।
वाई.एस. शर्मिला ने नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करके आंध्र प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में वादा किए गए विशेष श्रेणी दर्जे (एससीएस) और अन्य प्रमुख परियोजनाओं की लड़ाई को राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचाया है।
गौरतलब है कि 2 फरवरी (शुक्रवार) को शर्मिला ने दिल्ली के ए.पी. भवन में नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं और आंध्र प्रदेश को एससीएस नहीं देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री वाई.एस. के खिलाफ नारे लगाए।
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भाजपा के 2014 के चुनाव घोषणा पत्र की प्रति भी शर्मिला ने दिखाया और कहा पार्टी ने न केवल आंध्र प्रदेश के विभाजन के लिए अपनी सहमति दी थी, बल्कि यह भी कहा था कि वह शेष आंध्र प्रदेश को विशेष श्रेणी का दर्जा 10 साल के लिए देगी।
शर्मिला ने पीएम मोदी की आलोचना करते हुए कहा
तिरुपति में एक बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि वह राज्य को 10 साल के लिए एससीएस देंगे और पुनर्गठन अधिनियम में किए गए सभी वादों को पूरा करेंगे। इसके साथ ही शर्मिला ने सवाल किया कि वह सीमांध्र को स्वर्णंध्र में बदल देंगे। उनके वादों का क्या हुआ और एक दशक बाद भी वे पूरे क्यों नहीं हुए?












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