आंध्र प्रदेश के सभी जिलों में MSME Clusters, जानिए क्या है मकसद
आंध्र प्रदेश के प्रत्येक जिले में MSME क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत, केंद्र सरकार से 70 प्रतिशत धनराशि मिलेगी। राज्य सरकार का योगदान 20 प्रतिशत होगा। Andhra Pradesh MSME clusters
विजयवाड़ा, 30 जुलाई : आंध्र प्रदेश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) विकास निगम एक वर्ष के भीतर प्रत्येक जिले में एक से दो MSME क्लस्टर इकाइयां स्थापित करेगा (Andhra Pradesh MSME clusters)। क्लस्टर विकास कार्यक्रम (सीडीपी) के तहत कम से कम 25 स्वतंत्र उद्यमी एक साथ आएंगे। इकाइयां स्थापित करने के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन (Special Purpose Vehicle - SPV) बनाएंगे। केंद्र सरकार की तरफ से 70 प्रतिशत धनराशि मिलेगी। राज्य सरकार का योगदान 20 प्रतिशत होगा। बाकी 10 प्रतिशत समूह के सदस्यों से लिया जाएगा। समूह में उद्यमियों की अधिकतम संख्या की कोई सीमा नहीं तय की गई है।

फंडिंग सहायता अनुदान है, ऋण नहीं
आंध्र प्रदेश MSME डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष वंका रवींद्रनाथ के मुताबिक CDP के तहत आने वाली इकाइयों के लिए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से फंडिंग सहायता अनुदान है, ऋण नहीं। दी न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक उद्यमियों को एक समूह बनाने और इकाइयों को सीडीपी के तहत प्राप्त राशि वापस करने की जरूरत नहीं है। अगर एक MSME यूनिट की लागत 10 करोड़ रुपये है तो सभी उद्यमियों के बीच केवल एक करोड़ रुपये की राशि शेयर की जाएगी।
आर्थिक डेवलपमेंट पर शेयरिंग
सीडीपी के पीछे सरकार की मंशा छोटे उद्यमियों को आधुनिक मशीनरी रखने में मदद करना है, जिससे बड़े पैमाने के उद्योगों के साथ प्रतिस्पर्धा हो सके। एसपीवी में 25 से कम उद्यमी नहीं होने चाहिए। आर्थिक डेवलपमेंट होने पर पैसे सभी सदस्यों के बीच साझा की जाती है। पूर्वी गोदावरी में तीन और कृष्णा जिलों में दो सहित पांच इकाइयां स्थापित की गई हैं। आने वाले महीनों में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। पूर्वी गोदावरी जिले में 150 दाल मिल मालिकों को एसपीवी के रूप में जोड़ा गया था। नवीनतम मशीनरी वाली इस दलहन इकाई में बर्बादी कम होती है। इसी तरह, 250 प्रिंटरों को संगठित कर 18 करोड़ रुपये की प्रिंटिंग यूनिट मंजूर की गई।












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