भारत का ये Village बना 'कैंसर गांव', 1 महीने में सामने आए इतने अधिक मामले, उड़ा देंगे होश
Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले का एक गांव के लाेग गंभीर स्वास्थ्य संबंधी संकट से जूझ रहे हैं। गोदावरी जिले के इस गांव के लोग तेजी से जानलेवा कैंसर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी के इस गांव का नाम बलभद्रपुरम है। जहां पर कैंसर के मामले चिंताजनक दर से बढ़ रहे हैं। इस गांव में बीते एक महीने इतने मामले सामने आए हैं जिसे सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे।

गोदावरी जिला कलेक्टर पी प्रशांति ने खुद ये रिपोर्ट साझा करते हुए खुलासा किया है। कलेक्टर ने बताया कि एक महीने में गोदावरी के बलभद्रपुरम से 32 कैंसर के मामले की पुष्टि हुई है जो राष्ट्रीय औसत से लगभग तीन गुना है। हालांकि स्थानीय लोगों के अनौपचारिक अनुमान के अनुसार इस गांव में कैंसर के मरीजों की संख्या 100 से अधिक हो सकती है।
बीते तीन वर्षों में इतने लोगों की हो चुकी है मौत
ताज्जुब की बात ये है कि आंध्रप्रदेश के इस गांव बलभद्रपुरम की जनसंख्या मात्र 10,800 है। पिछले तीन वर्षों में, आधिकारिक तौर पर कैंसर से 19 मौतें हो चुकी है लेकिन इस गांव के निवासियों का दावा है कि इस बीमारी से 65 लोगों की जान अब तक जान जा चुकी है।
भाजपा के विधायक नल्लामिली रामकृष्ण रेड्डी ने आशंका जताई है कि इस गांव में कैंसर के और भी मरीज हो सकते हैं। उन्होंने ये भी बताया कि 7 मरीजों का ट्रीटमेंट हो चुका है, जबकि 15 अभी भी बीमारी से जूझ रहे हैं।
इस गांव में अचानक क्यों बढ़ रहे कैसर मरीज?
इस गांव में अचानक कैंसर मरीजों की बढ़ोत्तरी की वजह क्या है इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन स्थानीय लोगों को दावा है कि आस-पास की औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाला प्रदूषण को लेकिन निर्णायक सबूत अभी भी मायावी हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार क्या कर रही उपाय?
आंध्र प्रदेश सरकार ने मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग इकाइयों को तैनात करके और प्रभावित क्षेत्र में व्यापक स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए चिकित्सा पेशेवरों की एक टीम को इकट्ठा करके सक्रिय कदम उठाए हैं। एक बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग पहल में 50 डॉक्टरों सहित 200 चिकित्सा कर्मचारियों ने 2,803 घरों में 8,830 ग्रामीणों की जांच की। इस जांच अभियान में 38 संभावित कैंसर के मामलों की पहचान की गई, जिनमें से 9 के निगेटिव रिपोर्ट आई है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर्यावरणीय कारकों को जानने के लिए वायु और यहां के पानी के नमूनों का विश्लेषण करने की प्रक्रिया में है।












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