आंध्र प्रदेश: FIR रद्द करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे चंद्रबाबू नायडू, जेल में CID कर रही पूछताछ
कौशल विकास घोटाला मामले में आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू अभी जेल में ही हैं। शुक्रवार को उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में FIR रद्द करने की याचिका लगाई थी, लेकिन उनको कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। ऐसे में अब वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।
दरअसल जब नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तो सरकार ने राज्य में उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) के समूहों की स्थापना के लिए एक योजना चलाई थी, जो 3300 करोड़ की थी। आरोपों के मुताबिक उनके द्वारा इस योजना में 300 करोड़ की धोखाधड़ी की गई। राज्य पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इसके लिए उनकी गिरफ्तारी भी हुई। ऐसे में राहत के लिए वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।

वहीं दूसरी ओर टीडीपी लगातार इस कार्रवाई का विरोध कर रही। हाल ही में सर्वदलीय बैठक हुई थी, जिसमें भी टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। टीडीपी ने तो इस मामले में केंद्र से हस्ताक्षेप करने की मांग की है। उसका कहना है कि आंध्रा सरकार ने लोकतंत्र को खत्म कर दिया है, ऐसे में मोदी सरकार इसको लेकर जरूरी कदम उठाए।
सीआईडी कर रही पूछताछ
आंध्र प्रदेश पुलिस की सीआईडी भी मामले की जांच में जुड़ी हुई है। ऐसे में शनिवार को उसकी एक टीम राजामहेंद्रवरम जेल पहुंची और टीडीपी चीफ से पूछताछ की। शुक्रवार को ही कोर्ट ने नायडू की सीआईडी हिरासत को मंजूरी दे दी थी, जो दो दिन की है।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक 23 और 24 सितंबर को सीआईडी को नायडू से पूछताछ की इजाजत रहेगी। उसके लिए सुबह 9.30 से शाम 5 बजे तक का वक्त तय किया गया है। पूछताछ टीम में आर्थिक अपराध शाखा के तीन पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी), छह कनिष्ठ पुलिस अधिकारी, एक पेशेवर वीडियोग्राफर और दो आधिकारिक मध्यस्थ हैं।
कोर्ट ने साफ किया है कि पूछताछ की वीडियोग्राफी होगी, लेकिन उसकी गोपनीयता से समझौता नहीं किया जाएगा। नायडू को मेडिकल समेत सभी जरूरी सुविधाएं इन दो दिनों में मिलेंगी। उनको 1 से 2 घंटे का लंच ब्रेक भी दिया जाएगा।












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