सीरिया में आईएसआईएस से बचकर भारत लौटीं एक लड़की!
नई दिल्ली। एक बेहद ही चौंकाने वाली खबर हैदराबाद से आ रही है और वह खबर खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस के भारत के गहराते कनेक्शन से जुड़ी हुई है। इस लड़की की उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है और यह सीरिया में आईएसआईएस से बचकर भारत लौटी है।

इंटेलीजेंस एजेंसी के भी इस लड़की से लंबी पूछताछ करने की खबरें हैं। फिलहाल इस लड़की के हैदराबाद में होने और अपने परिवार के साथ जिंदगी बिताने की खबरें हैं।
बताया जा रहा है कि एजेंसियों ने इससे पूछताछ तो की लेकिन ज्यादा जानकारी सामने नहीं आने दी है। वहीं दूसरी ओर गृह मंत्रालय ने भी इशारा किया है कि आईएसआईएस की नजरें इस समय उन भारतीयों पर सबसे ज्यादा हैं जो गल्फ देशें में रह रहे हैं।
कौन है सीरिया से लौटी यह लड़की
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक यह लड़की कतर की राजधानी दोहा में अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर पिता और दो भाई के अलावा एक और बहन के साथ रह रही थी। पिछले वर्ष दिसंबर में इंटेलीजेंस की ओर से मिली जानकारी के बाद इस लड़की को हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसे टर्की में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। हालांकि एजेंसियों का कहना है कि उसके पास इस बात के पूरे सुबूत हैं कि यह लड़की सीरिया से आईएसआईएस के बीच समय बिताकर भारत लौटी है।
सूत्रों की मानें तो यह लड़की यमन की 29 वर्ष की महिला अमानी अब्दुल के संपर्क में थी। अमानी से उसकी मुलाकात उसके एक दोस्त ने कराई थी। यह लड़की दोहा में पढ़ाई कर रही थी जब अमीनी के साथ इसका संपर्क हुआ।
कौन है अमानी
अमानी दोहा के एक हॉस्पिटल में नर्स थी और अमानी ने इस लड़की को नर्सिंग में मास्टर्स की पढ़ाई करने के लिए कहा था। वहीं अमीनी ने लड़की से इंग्लिश की ट्यूशन देने को कहा जिसके लिए वह राजी हो गई थी। पुलिस की मानें तो अमानी लड़की को लैपटॉप और मोबाइल फोन जैसे कई महंगे गिफ्ट्स मुहैया कराती थी।
अमानी ने बाद में इस लड़की को चरमपंथ की ओर आकर्षित करने के लिए उसका ब्रेन वॉश करना शुरू कर दिया। अमानी उसे इससे जुड़ा कंटेट भी व्हाट्स एप और मेल पर भेजती और घंटों उससे इस बारे में बात करती थी।
24 अक्टूबर को लौटी इंस्ताबुल
एजेंसियों को लड़की की ओर से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक वह अमानी अब्दुल के साथ 24 अक्टूबर 2014 को इंस्ताबुल लौटी। उसके बाद उन्होंने दूसरे किसी शहर की फ्लाइट पकड़ी। जहां उन्हें दो तुर्की महिलाएं लेने आई थीं। फिर, सभी एक नई जगह पर पहुंची जहां उसे 20 दिन तक बंदी बनाकर रखा गया था।
लड़की भले ही यह मानने से इंकार कर रही है कि वह सीरिया में थी लेकिन उसकी मां के मोबाइल से जो डिटेल्स मिली हैं वह उस ओर से इशारा कर रही हैं। इन डिटेल्स से साफ है कि लड़की सीरिया के किसी हिस्से मोबाइल ऑपरेट कर रही थी।
लड़की के मुताबिक दिसंबर 2014 के पहले हफ्ते में वह उनके चंगुल से छूटकर भाग निकली। अगले दिन वह लोकल एयरपोर्ट पहुंची। जहां उसने अपने माता-पिता से संपर्क किया। माना जा रहा है कि उसके माता-पिता ने टर्की के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी थी।












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