'अमित शाह को गोधरा मामले में शरद पवार ने दिलाई थी जमानत', शिवसेना के 'सामना' का दावा
नई दिल्ली, 11 सितंबर। शिवसेना के मुखपत्र सामना ने गृहमंत्री अमित शाह के गोधराकांड के दिनों में लगे आरोपों को लेकर चौंकाने वाला दिया किया गया है। सामना के एक कॉलम में ये लिखा गया है कि अमित शाह को महाराष्ट्र के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके लिए शाह को गुजरात दंगे के वक्त उन पर लगे आरोपों और उसके बाद उनकी जमानत की याद दिलाई गई है। पत्र में आगे लिखा गया, वो शरद पवार थे जिनकी वजह से शाह को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

शिवसेना के मुखपत्र के कॉलम में ये कहा गया 'अमित शाह बार-बार महाराष्ट्र के बारे में खराब भाषा का इस्तेमाल करते हैं। यह महाराष्ट्र के लिए उनकी नफरत है। असल में, उन्हें हमेशा महाराष्ट्र और मराठी लोगों के लिए बाध्य होना चाहिए। जब यूपीए सरकार मोदी और शाह के खिलाफ हथियारों में थी, तो यह था पवार और मोदी के बीच उत्कृष्ट 'संचार' जिसने शाह को गोधरा के एक मामले में जमानत पर रिहा कर दिया।' आगे लिखा गया कि यह कोई रहस्योद्घाटन नहीं बल्कि सच्चाई है। लेकिन अब अमित शाह आज पवार और ठाकरे के विरोध में मिशन चला रहे हैं, जो अब चरम पर है।
ये दावा सामना के साप्ताहिक कॉलम रोखठोक में किया गया है। जिसमें स्पष्ट लिखा गया है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने 2002 के गुजरात दंगों के एक मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जमानत दिलाने में मदद की थी। दरअसल, ये कॉलम शिवसेना नेता संजय राउत लिखते थे। अब वो पात्रा चॉल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हे गिरफ्तार किया गया है। उनकी अनुपस्थिति में रोखठोक कॉलम अब कड़कनाथ मुंबईकर के नाम से लिखा जा रहा है।












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