नए भाजपा अध्यक्ष के मुद्दे पर बोले भूपेंद्र यादव- सदस्यता अभियान समाप्त होने के बाद होंगे संगठनात्मक चुनाव
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में गुरुवार (13 जून) को प्रदेश अध्यक्षों समेत पार्टी सीनियर नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके के बताया कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जी ने कहा कि इन लोकसभा चुनाव में जो जीत और बहुमत पार्टी को मिला है वह हर बूथ कार्यकर्ता की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि, जहां भी पार्टी का आधार नहीं था, वहां पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेहनत करके पार्टी के विस्तार के लिए काम किया।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जी ने 2014 में कहा था और उन्होंने अभी फिर उन्होंने उस बात को दोहराया, उन्होंने कहा, 'अभी बीजेपी का पीक नहीं आया है। अभी जिन राज्यों में हमें सफलता नहीं मिली है, वहां पार्टी की सदस्यता का, पार्टी की विचारधारा का विस्तार करना है। 20 फीसदी नए सदस्य बनाने के लिए भाजपा सदस्यता अभियान चलाएगी। वही नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, सदस्यता अभियान समाप्त होने के बाद संगठनात्मक रूप आयोजित किए जाएंगे। तब तक अमित शाह पार्टी के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।
यादव ने कहा कि, शिवराज सिंह चौहान जी बीजेपी की सदस्यता कार्यक्रम के संयोजक होंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा तीन विषय जो नासूर बन गए थे। जातिवाद, परिवारवाद, संप्रदायवाद। 2019 का चुनाव उनके खिलाफ जनमत है। महागबंधन के मिथक को भी इस चुनाव ने समाप्त किया है। तेलंगाना और बंगाल में कार्यकर्ताओं मेहनत करके पार्टी का विस्तार किया।
पार्टी के सदस्यता कार्यक्रम की जानकारी देते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि, नए सदस्य बनाने का अभियान हम शुरू करने जा रहे हैं और इसके लिए पार्टी ने श्री शिवराज चौहान को सदस्यता अभियान का संयोजक नियुक्त किया है उनके साथ श्री दुष्यंत गौतम, श्री सुरेश पुजारी, श्री अरुण चतुर्वेदी और श्रीमती शोभा सुरेंद्रन सहसंयोजक की भूमिका में होंगे। 2014 के बाद भाजपा के सदस्यों की संख्या 11 करोड़ हुई और उनमें से 10 लाख से अधिक सदस्यों को विधिवत प्रशिक्षण भी दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिस राष्ट्रवाद के विचार को लेकर के और सुशासन के भाव को लेकर के और गरीब कल्याण के संकल्प को लेकर के आगे बढ़ रही है। भारतीय जनता पार्टी ने 1950 के कालखंड में जनसंघ के रूप में अपनी यात्रा शुरू की। 1970 के काल खंड में देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी। भारतीय जनता पार्टी के रूप में 1980 में शुरुआत की। देश में एक अच्छी सुशासन वाली पहली सरकार एनडीए के रूप में बीजेपी ने दी। 2014 से 2019 का जो ये कार्यकाल था। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण की नीतियों को आगे बढ़ाया।












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