रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने से मिलेगा मेक इन इंडिया को बढ़ावा: अमित शाह
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा है कि रक्षा और एविएशन जैसे क्षेत्रों में निजी कंपनियों को मौके देना का सरकार फैसला सराहनीय है। शाह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने से मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा और अपने देश में ही ज्यादा हथियार हम बना पाएंगे। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के शनिवार को आर्थिक पैकेज से की गई घोषणाओं पर शाह ने ये कहा है।
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अमित शाह ने कहा, एक मजबूत, सुरक्षित और सशक्त भारत पीएम मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में एपडीआई सीमा को बढ़ाकर 74 फीसदी करना और हर साल चयनित हथियारों के आयात पर प्रतिबंध लगाना मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगा और हमारे आयात के बोझ को कम करेगा। उन्होंने कहा कि एयर स्पेस के उपयोग पर प्रतिबंधों में ढील देकर, हमारे विमानन क्षेत्र को करीब 100 करोड़ प्रति वर्ष का लाभ होगा।
वित्तमंत्री ने ऐलान किया है कि ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड का निगमीकरण उनके कामकाज में सुधार के लिए किया जाएगा। कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में ऑटोमैटिक रूट्स के जरिए FDI की सीमा को 49 से बढ़ाकर 74 फीसद किया जाएगा।
वित्तमंत्री ने शनिवार को देश के स्पेस प्रोग्राम, इसरो, कोल माइनिंगस हवाईअड्डों और कई क्षेत्रों में निजी दखल को बढ़ाने का ऐलान किया है। वित्तमंत्री ने कहा, हम आज 8 क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं। कोयला, खनिज रक्षा उत्पादन, हवाई क्षेत्र प्रबंधन, MROs बिजली वितरण कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र और परमाणु ऊर्जा। कई क्षेत्रों में नीतियों को सरल बनाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को यह समझना सरल हो कि इस क्षेत्र से क्या मिल सकता है, लोगों की भागेदारी बढ़े और पारदर्शिता आ सके। हम ऐसा करके किसी क्षेत्र के विकास और नौकरियों को बढ़ावा दे सकते हैं।












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