'अरे खड़गे जी सुनिए, कांग्रेस को लोकतंत्र पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है'- टोकने पर बिफरे अमित शाह
Amit Shah ने दिल्ली सेवा विधेयक, 2023 पर चर्चा के दौरान आक्रामक अंदाज में विपक्षी दलों को जवाब दिया। राज्य सभा में भाषण का जवाब देते समय आपातकाल का जिक्र आने पर कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने शाह को टोका।
भाषण के बीच में टोकने से बिफरे अमित शाह ने खड़गे को जवाब दिया। शाह ने कहा, हम आपातकाल लाने के लिए नहीं बल्कि संविधान में संशोधन कर रहे हैं...कांग्रेस को लोकतंत्र पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) विधेयक, 2023 (GNCTD Bill या दिल्ली सेवा विधेयक) पर जवाब देते हुए 2024 में नरेंद्र मोदी के दोबारा पीएम बनने का भी जिक्र किया।
खड़गे ने इस पर भी शाह को टोका। सभापति की मौजूदगी में खड़गे ने कहा, राज्यसभा में राजनीतिक टिप्पणी न करने और वोटर को लुभाने वाले बयान नहीं दिए जाने का निर्देश मांगा। इस पर सभापति धनखड़ ने कहा, चर्चा के बिंदुओं का जवाब दिया जा रहा है।
इसके बाद अमित शाह ने चुटकी लेते हुए कहा, उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी नहीं की। संकेतों में अपनी बातें कहीं, लेकिन खड़गे जी ने उनकी बात को और स्पष्ट कर दिया, इसके लिए वे आभारी हैं।
शाह ने मणिपुर के मुद्दे पर भी बयान दिया। विपक्षी दलों की तरफ से टोकने पर शाह ने कहा, वे मणिपुर के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हैं। शाह ने कहा, विपक्ष चर्चा से भाग रहा है, इसलिए आनाकानी कर रहा है।
सोमवार को शाह ने कहा, "मैं मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार हूं...हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। आप (विपक्ष) ही हैं जिनके पास छिपाने के लिए कुछ है कि आप चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। अगर खड़गे जी 11 अगस्त को चर्चा के लिए हां कहते हैं, तो मैं भी इसके लिए तैयार हूं।
मानसून सत्र के अंतिम दिन का प्रस्ताव दिए जाने पर शाह ने कहा, 8-10 तारीख अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए फिक्स किया गया है। संवैधानिक दायित्वों के कारण उन्हें लोक सभा में मौजूद रहना होगा, इसलिए 11 अगस्त का प्रस्ताव है।












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