Delhi Electricity Bill Hike: दिल्ली वालों को झटका! जुलाई से बढ़ जाएगा बिजली बिल, कितने यूनिट पर कितना चार्ज?

Delhi Electricity Bill Hike: दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। राजधानी के लाखों घरों का बिजली बिल जुलाई से बढ़ सकता है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों को बढ़ी हुई बिजली खरीद लागत की वसूली की अनुमति दे दी है। इसका असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव समान नहीं होगा और सरकार की मुफ्त बिजली योजना भी जारी रहेगी।

बिजली बिल क्यों बढ़ रहा है?

बिजली कंपनियां जिस अतिरिक्त शुल्क के जरिए अपनी लागत वसूलती हैं, उसे फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) या पीपीएसी कहा जाता है। बिजली उत्पादन में कोयला और गैस जैसी ईंधन सामग्री का बड़ा योगदान होता है। जब इनकी लागत बढ़ती है तो बिजली खरीदना महंगा हो जाता है।

Delhi Electricity Bill Hike

दिल्ली में बिजली वितरण कंपनियों के कुल खर्च का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बिजली खरीदने पर ही खर्च होता है। अप्रैल महीने में रिकॉर्ड गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी, जिसके चलते कंपनियों को बाजार से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ी। अब उसी अतिरिक्त खर्च को उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा।

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किस इलाके में कितना बढ़ेगा बिल?

दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में बिल बढ़ोतरी की दर भी अलग होगी।

  • BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के तहत आने वाले पूर्वी और मध्य दिल्ली के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ सकता है। यहां बिजली बिल में लगभग 5.7 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
  • वहीं BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) के दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली वाले क्षेत्रों में बिजली बिल करीब 3.4 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
  • दूसरी ओर टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) के उपभोक्ताओं को लगभग राहत मिलेगी, क्योंकि यहां पीपीएसी में सिर्फ मामूली बदलाव किया गया है। यह 15.9 प्रतिशत से बढ़कर 16 प्रतिशत हुआ है।

500 यूनिट से ज्यादा खर्च करने वालों पर कितना असर?

बढ़े हुए शुल्क का असर खपत के आधार पर अलग-अलग होगा। अगर किसी घर में हर महीने 400 यूनिट बिजली खर्च होती है, तो BYPL क्षेत्र में बिल लगभग 92 रुपये और BRPL क्षेत्र में करीब 56 रुपये बढ़ सकता है।

अगर खपत 600 यूनिट है, तो BYPL उपभोक्ताओं को लगभग 170 रुपये और BRPL उपभोक्ताओं को करीब 102 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। यानी ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले परिवारों को बढ़ोतरी का असर अधिक महसूस होगा।

क्या मुफ्त बिजली योजना खत्म होगी? (Delhi Power Subsidy Update)

इस बढ़ोतरी के बीच दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक सब्सिडी बिजली की खपत के आधार पर दी जाती है, न कि अंतिम बिल राशि के आधार पर। इसका मतलब है कि जो घरेलू उपभोक्ता हर महीने 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करते हैं, उन्हें पहले की तरह मुफ्त बिजली का लाभ मिलता रहेगा।

अब हर महीने बदल सकता है सरचार्ज!

पहले पीपीएसी की समीक्षा हर तीन महीने में होती थी। लेकिन अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था बदल गई है। अब बिजली खरीद की वास्तविक लागत के आधार पर हर महीने इसकी समीक्षा की जाएगी।

इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में बिजली खरीद लागत बढ़ने या घटने के अनुसार उपभोक्ताओं के बिल में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल जुलाई से लागू होने वाली यह बढ़ोतरी राजधानी के उन परिवारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी, जिनकी मासिक बिजली खपत 500 यूनिट या उससे ज्यादा रहती है।

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