Amit Shah Manipur Unrest: संसद से शांति की अपील, गृह मंत्री ने मैतेई-कुकी समुदाय से वार्ता का आह्वान किया
Amit Shah Manipur Unrest पर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोले। गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर की हिंसा पर विस्तार से बयान दिया और कहा कि नस्लीय हिंसा का इतिहास बहुत पुराना है।
पूर्वोत्तर भारतीय प्रदेश मणिपुर तीन मई के बाद लगातार हिंसा के कारण चर्चा में है। कुकी और मैतेई समुदाय के लोगों के टकराव से पैदा हुई गंभीर स्थिति का अंदाजा इसी से होता है कि 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

लोक सभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दो घंटे से अधिक समय के भाषण में अमित शाह ने मणिपुर की हिंसा का इतिहास बताते हुए कहा, नस्लीय हिंसा पुरानी सरकारों के कार्यकाल में भी हुईं, लेकिन उस समय प्रभावी एक्शन नहीं लिए गए।
शाह ने कहा कि 6 साल से भाजपा की सरकार मणिपुर में है। केंद्र सरकार और मणिपुर की सरकार बेहतर समन्वय के साथ काम कर रही है। उन्होंने विपक्षी दलों के कमेंट पर कहा, राष्ट्रपति शासन की नौबत इसलिए नहीं आई क्योंकि मुख्यमंत्री केंद्र के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।
हालात की संवेदनशीलता और विपक्षी दलों के सवालों का जवाब देते हुए शाह ने कहा, हाईकोर्ट के आदेश के बाद अप्रैल के अंतिम हफ्ते में कुछ अफवाहें फैलीं। कुकी और मैतेई अफवाह के कारण आपस में टकराने लगे।
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शाह ने कहा, हिंसक घटनाओं में अब तक 158 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार ने पर्याप्त प्रयास किए हैं। 36 हजार से अधिक सुरक्षाबल, स्थानीय पुलिस, बीएसएफ सभी संयुक्त रूप से समन्वय में काम कर रही हैं।
गृह मंत्री ने दावा किया कि मणिपुर में हिंसा में कमी आई है। उन्होंने दोनों समुदायों से आह्वान किया कि वार्ता के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने कहा, वे खुद मैतेई और कुकी समुदाय से संवाद कर रहे हैं।
दो घंटे से अधिक समय के भाषण के अंत में मणिपुर हिंसा पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं मैतेई और कुकी दोनों समुदायों से बातचीत में शामिल होने की अपील करता हूं, हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है...।
उन्होंने कहा, "मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम राज्य में शांति लाएंगे। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।" शाह की अपील पर अंत में लोक सभा में मणिपुर में शांति का प्रस्ताव पारित किया गया।












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