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लोकसभा में गरजे अमित शाह, ऑपरेशन सिंदूर से लेकर ऑपरेशन महादेव पर दी डिटेल्स, बताया सीजफायर क्यों और कैसे हुआ?

Amit Shah in Lok Sabha: लोकसभा में मंगलवार, 29 जुलाई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले पर बहस जारी है। गृह मंत्री अमित शाह का भाषण हो चुका है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता अपने बयान देंगे। इससे पहले सोमवार, 28 जुलाई 2025 को पांच दिन के गतिरोध के बाद लोकसभा में इन मुद्दों पर जोरदार बहस हुई थी।

बहस को लेकर लोकसभा की कार्यवाही का समय बढ़ाकर मंगलवार रात 12 बजे तक कर दिया गया। बहस की शुरुआत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ "रोक" पर है और अगर पाकिस्तान ने कोई नई हरकत की तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होगी।

Amit Shah

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर अपने भाषण के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने इस हमले को बर्बर बताया और कहा कि ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीनों आतंकी इसी हमले में शामिल थे।
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अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में क्या कहा?

पहलगाम हमले की निंदा

अमित शाह ने कहा, "पहलगाम में जो हुआ वह बेहद क्रूर था। मैं इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।"

ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकी

गृह मंत्री ने बताया, "भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन महादेव चलाया। इस अभियान में तीन आतंकियों को ढेर किया गया। ये तीनों आतंकी 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में शामिल थे।"

निर्दोष लोगों की हत्या पर दुख

अमित शाह ने कहा, "आतंकियों ने परिवारों के सामने मासूम नागरिकों को सिर्फ उनका धर्म पूछकर मार डाला। मैं इस अमानवीय घटना की निंदा करता हूं और पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं।"

आतंकियों की पहचान और सबूत

अमित शाह ने बताया, "ऑपरेशन महादेव में सुलेमान उर्फ फैज़ल, अफगान और जिब्रान नाम के तीन आतंकी मारे गए। सुलेमान लश्कर-ए-तैयबा का ए-श्रेणी कमांडर था। अफगान और जिब्रान भी ए-ग्रेड के आतंकी थे। बाइसारन घाटी में हमारे नागरिकों की हत्या करने वाले ये तीनों आतंकी मारे गए हैं।"

मददगार पहले ही पकड़े गए थे

गृह मंत्री ने कहा, "जो लोग इन आतंकियों को खाना पहुंचाते थे, उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। जब आतंकियों के शव श्रीनगर लाए गए तो इन्हीं लोगों से उनकी पहचान कराई गई।"

शहीद परिवारों से मुलाकात का ज़िक्र

अमित शाह ने कहा, "पहलगाम हमले के बाद मैं पीड़ित परिवारों से मिला था। मैंने एक ऐसी महिला को देखा जो शादी के सिर्फ 6 दिन बाद विधवा हो गई थी। वह दृश्य मैं कभी नहीं भूल सकता। मैं सभी परिवारों को कहना चाहता हूं कि मोदी जी ने उन लोगों को खत्म कर दिया जिन्होंने आतंकियों को भेजा था और हमारी सुरक्षा बलों ने उन आतंकियों को मार गिराया जिन्होंने ये हत्या की थी।"

NIA और FSL की रिपोर्ट

गृह मंत्री ने बताया, "एनआईए ने पहले ही उन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था जिन्होंने आतंकियों को शरण दी थी। जिन्होंने उन्हें खाना खिलाया, उन्हें भी पकड़ा गया। जब आतंकियों के शव श्रीनगर लाए गए तो उनकी पहचान पहलगाम हमले के आरोपियों के रूप में की गई। हमले में इस्तेमाल हुई गोलियों की एफएसएल रिपोर्ट पहले ही तैयार थी। कल आतंकियों से बरामद राइफलों को एफएसएल रिपोर्ट से मिलाया गया और चंडीगढ़ में जांच के बाद पुष्टि हुई कि यही तीनों आतंकी पहलगाम हमले के जिम्मेदार थे।"

विपक्ष पर निशाना

अमित शाह ने विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद थी कि जब विपक्ष को पता चलेगा कि पहलगाम हमले के आतंकी मारे गए हैं तो वे खुश होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।"

आतंकियों के सफाए पर विपक्ष को घेरा

अमित शाह ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर ने उन लोगों को खत्म किया जिन्होंने आतंकियों को भेजा और ऑपरेशन महादेव ने उन आतंकियों को मार गिराया जिन्होंने हमला किया था। मैंने सोचा था कि इस खबर के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों में खुशी की लहर होगी, मगर इनके चेहरों पर तो स्याही पड़ गई है। यह कैसी राजनीति है?"

मोदी के पहलगाम दौरे पर उठे सवालों का जवाब

अमित शाह ने कहा, "कल गोगोई जी ने कहा कि 24 अप्रैल को मोदी जी पहलगाम जाने के बजाय बिहार गए। उस समय मोदी जी विदेश में थे। जिस दिन मोदी जी बिहार गए, उस दिन केवल राहुल गांधी पहलगाम गए थे, और कोई नहीं। अगर देश के नागरिकों पर ऐसा हमला हो तो प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि दुश्मन को करारा जवाब दे।"

सीसीएस बैठक और ऑपरेशन सिंदूर का विवरण

गृह मंत्री ने बताया कि 30 अप्रैल को सीसीएस की बैठक हुई थी, जिसमें सुरक्षा बलों को पूरी तरह से ऑपरेशनल फ्रीडम दी गई। इसके बाद 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया, जो रात 1:04 बजे से 1:24 बजे तक चला। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में किसी पाकिस्तानी नागरिक की मौत नहीं हुई।

100 से ज्यादा आतंकी ढेर

अमित शाह ने कहा, "हमारी सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया। इसके बाद हमारे डीजीएमओ ने पाकिस्तान के डीजीएमओ को सूचित किया कि भारत ने अपने आत्मरक्षा के अधिकार के तहत उनके इलाके में आतंकी ढांचे पर हमला किया है। यह मनमोहन सिंह सरकार जैसा नहीं हो सकता कि आतंकी आकर हमारे लोगों को मारें और हम चुप बैठे रहें। हमने उन आतंकियों को खत्म किया जिन्होंने कांग्रेस सरकार के दौरान भारत को खून से रंगा था।"

पाकिस्तान के सबूतों पर चिदंबरम को घेरा

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बयान पर अमित शाह ने कहा, "कल पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम ने पूछा कि क्या सबूत है कि आतंकी पाकिस्तान से आए थे। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वह पाकिस्तान को क्यों बचा रहे हैं? इससे उन्हें क्या मिलेगा? हमारे पास सबूत हैं कि ये तीनों आतंकी पाकिस्तान के थे। उनमें से दो के पास वोटर आईडी नंबर थे। उनके पास से पाकिस्तान में बनी चॉकलेट भी मिली है। इस देश के पूर्व गृह मंत्री पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहे हैं। अगर ये पाकिस्तानी नहीं थे तो चिदंबरम ये भी सवाल उठा रहे हैं कि पाकिस्तान पर हमला क्यों किया गया। 130 करोड़ लोग देख रहे हैं कि वे पाकिस्तान को बचाने की साजिश कर रहे हैं।"

Pok पर कांग्रेस को घेरा

अमित शाह ने आगे कहा, "कल कांग्रेस यह सवाल उठा रही थी कि युद्ध क्यों नहीं हुआ। आज पीओके इसलिए है क्योंकि जवाहरलाल नेहरू ने गलती की थी। 1960 में उन्होंने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को 80 प्रतिशत पानी दे दिया। 1971 में शिमला समझौते के समय कांग्रेस पीओके को भूल गई। अगर उस समय पीओके ले लिया गया होता, तो आज हमें वहां आतंकी कैंप पर हमला करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।"

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