सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस बीएच लोया की मौत को गंभीर बताया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तलब
नई दिल्ली। देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार मौजूदा जजों ने आज जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर सवाल खड़ा किया है, उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के जजों के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गया है। जस्टिर रंजन गोगोई ने सीबीआई जज जस्टिस लोया के मामले पर भी अपनी सहमति जाहिर की जब प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने पूछा कि क्या जस्टिस लोया के केस को लेकर भी आपकी चिंता है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से जस्टिस लोया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को तलब किया है। दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह मामला काफी गंभीर है, इस मामले की सुनवाई के लिए 15 जनवरी की तारीख तय की गई है।

आपको बता दें कि जस्टिस लोया की 1 दिसंबर 2014 में नागपुर में मृत्यु हो गई थी, उनकी मौत उस वक्त हुई थी जब वह अपने सहयोगी की बेटी की शादी में शिरकत करने जा रहे थे। यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया था जब कार्वान मैगजीन ने संदिग्ध परिस्थिति में जस्टिस लोया की मौत की खबर छापी थी, जिस वक्त जस्टिस लोया की मुत्यु हुई थी, उस वक्त वह सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे थे। महाराष्ट्र के पत्रकार बीआर लोन ने इस मामले में एक याचिका दायर करके मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने जस्टिस लोया की संदिग्ध परिस्थिति में मृत्यु की निष्पक्ष जांच करने की मां की है, उनका कहना है कि जस्टिस लोया सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे।
लोन की याचिका चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविल्कर व जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच के सामने 11 जनवरी को भेजा गया था, जिसमे इस बात की मांग की गई है कि इस मामले में कई खंडात्मक तथ्य हैं जिनकी जांच होनी चाहिए। वहीं दूसरी याचिका जिसे कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने दायर किया है। इस याचिका में कहा गया है जिस परिस्थिति में जस्टिस लोया की मृत्यु हुई है वह संदिग्ध, सवालिया निशाान खड़ा करने वाला है।
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