विवादों के बीच IAS पूजा खेडकर ने नई जगह संभाला असिस्टेंट कलेक्टर का पद, अफसर बनने में लगे धांधली के आरोप
IAS Pooja Khedkar: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की प्रोबेशनरी अधिकारी डॉ. पूजा खेडकर विवादों के बीच वाशिम में असिस्टेंट कलेक्टर का पद संभाला है। इस बार ट्रेनी IAS पूजा खेडकर नई जगह काम संभालने ऑडी कार से नहीं बल्कि बोलेरो से दफ्तर पहुंची थीं।
34 वर्षीय ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर को लेकर केंद्र सरकार ने उनकी उम्मीदवारी वेरिफाई करने के लिए सिंगल मेंबर कमेटी का गठन किया है। पूजा खेडकर पर धांधली करके IAS बनने का आरोप है। पूजा पर आरोप है कि उन्होंने दिव्यांगता कोटा और OBC आरक्षण कोटे का दुरुपयोग किया है।

सरकार करेगी IAS पूजा खेडकर के विकलांगता संबंधी दावों की जांच
केंद्र सरकार ने 11 जुलाई को प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की उम्मीदवारी की पुष्टि के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया, जिन पर सेवा में पद हासिल करने के लिए विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग कोटा का दुरुपयोग करने का आरोप है।
एक बयान में, केंद्र ने कहा कि 2023 बैच की अधिकारी पूजा खेडकर, जिन्हें महाराष्ट्र कैडर आवंटित किया गया है, की उम्मीदवारी के दावों और अन्य विवरणों को सत्यापित करने के लिए एक अतिरिक्त सचिव-रैंक के अधिकारी द्वारा जांच की जाएगी। बयान में कहा गया कि समिति दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

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पूजा खेडकर ने क्या IAS बनने के लिए की धांधली? जानिए क्या है आरोप?
🔴 पूजा खेडकर ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को सौंपे गए हलफनामे में खुद को दृष्टिबाधित और मानसिक रूप से बीमार बताया है। परीक्षा में कम अंक आने के बावजूद, इन रियायतों की वजह से वह यूपीएससी परीक्षा पास कर पाईं और उन्हें अखिल भारतीय रैंक (AIR) 821 मिली।
🔴 चयन के बाद, यूपीएससी ने उनकी विकलांगता की पुष्टि के लिए उन्हें मेडिकल टेस्ट से गुजरना पड़ा। हालांकि पूजा खेडकर ने छह अलग-अलग मौकों पर इन मेडिकल जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया।
🔴 22 अप्रैल 2022 से 26 अगस्त 2022 के बीच पांच निर्धारित मेडिकल जांच में शामिल न होने के बाद पूजा ने 2 सितंबर को अपनी दृष्टि हानि का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण एमआरआई के लिए नहीं आईं।

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🔴 पूजा खेडकर ने एक प्राइवेट सेंटर से एमआरआई रिपोर्ट (MRI certificate) पेश की, जिसे यूपीएससी ने खारिज कर दिया। इसके बाद यूपीएससी ने उनके चयन को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में चुनौती दी, जिसने 23 फरवरी, 2023 को उनके खिलाफ फैसला सुनाया।
🔴 हालांकि विवाद के बाद पूजा खेडकर का एमआरआई रिपोर्ट स्वीकार कर लिया गया, जिससे आईएएस अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति की पुष्टि हुई।
🔴 पूजा खेडकर उस समय सुर्खियों में आईं, जब उन्हें कथित तौर पर सत्ता के दुरुपयोग के लिए पुणे से वाशिम स्थानांतरित कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने कलेक्टर कार्यालय से विशेष सुविधाएं मांगी थीं, जो उनके पद के लिए उचित नहीं था। इसके अलावा पूजा और उनके पिता पर खराब आचरण का भी आरोप है।












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