डोकलाम पर चीन की चेतावनी के बीच सुषमा स्वराज ने की भूटान के विदेश मंत्री से मुलाकात
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनोमिक कोऑपरेशन' (बिम्सटेक) की 15वीं मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा लेने नेपाल पहुंची हैं।
काठमांडू (नेपाल)। डोकलाम के मुद्दे पर भारत और चीन आमने-सामने हैं। दोनों देशों के बीच जुबानी जंग लगातार जारी है। इस सबके बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भूटान के विदेश मंत्री दामचो दोर्जी से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि इस द्विपक्षीय मुलाकात में सिक्किम सीमा पर चीन के रवैये और ताजा स्थिति को लेकर चर्चा हुई है।

बिम्सटेक की बैठक के दौरान मिले भारत और भूटान के विदेश मंत्री
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनोमिक कोऑपरेशन' (बिम्सटेक) की 15वीं मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा लेने नेपाल पहुंची हैं। इसी दौरान सुषमा स्वराज ने भूटान के विदेश मंत्री दामचो दोर्जी से मुलाकात की। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दोनों नेताओं की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि पक्के मित्र और पड़ोसी के साथ। हालांकि दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, हालांकि माना यही जा रहा है कि बैठक में डोकलाम में मौजूदा गतिरोध का असर जरूर होगा।
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बता दें कि बिम्सटेक के सदस्य देशों में बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल शामिल हैं। इससे पहले बिम्सटेक की बैठक को संबोधित करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि क्षेत्रीय समूह के सभी सदस्य देशों ने व्यापारिक और गैर-व्यापारिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए खास योजना को अपनाया। शुक्रवार को काठमांडू में 'India at 70' कार्यक्रम के दौरान सुषमा स्वराज ने कहा कि 70 वर्ष के भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक बार भी सत्ता का हस्तांतरण बुलेट (गोली) के द्वारा नहीं हुआ, हमेशा बैलट के द्वारा हुआ है। लोकतांत्रिक पद्धति नेपाल में आई है, हम उसकी सफलता की कामना करते हैं। नेपाल का विकास हो, हम उसमें भागीदारी करते हैं, उसमें साथ देना चाहते हैं। 'सबका साथ सबका विकास' पूरे क्षेत्र के लिए है।












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