CAA पर अब एनडीए में ही घमासान, अकाली दल की भाजपा को दो टूक- अल्पसंख्यकों को भी साथ लेकर चलें
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। विपक्ष का कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव करता है। इस बीच भाजपा के सहयोगी और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल ने भी इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि सरकार को धर्म के आधार पर किसी का पक्ष नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी धार्मिक समुदाय के बीच एकता का आह्वान करना चाहिए।

प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि देश में वर्तमान स्थिति उतनी अच्छी नहीं है। सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। अगर कोई सरकार सफल होना चाहती है, तो उसे अल्पसंख्यकों को साथ लेना होगा। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी को ऐसा महसूस होना चाहिए कि वे एक परिवार का हिस्सा हैं। उन्हें एक-दूसरे को गले लगाना चाहिए और नफरत के बीज नहीं बोना चाहिए।
अमृतसर में एक रैली को संबोधित करते हुए बादल ने कहा कि हमारे संविधान में लिखा गया है कि हमारे देश में धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शासन होगा। धर्मनिरपेक्षता के पवित्र सिद्धांतों से विचलन देश को केवल कमजोर करेगा। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने वालों को एकजुट होकर और धर्मनिपरेक्ष लोकतंत्र के रूप में देश की रक्षा के लिए मजबूत प्रयास करने चाहिए।
बादल ने कहा कि सरकारों को सिख गुरुओं से सीख लेनी चाहिए जिन्होंने हमेशा सामाजिकता और भाईचारे की बात की। सिख शासक महाराजा रणजीत सिंह का जिक्र करते हुए बादल ने कहा कि उन्होंने एक मुस्लिम को विदेश मंत्री नियुक्त किया था। उन्हें वोट की चिंता नहीं थी और वो धर्मनिरपेक्षता के सही अर्थ को समझते थे, जिसके बारे में हमारा संविधान बात करता है। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में मुस्लिम महिलाएं 15 दिसंबर से धरने पर बैठी हैं। इसके अलावा देश के कई भागों में इस कानून का विरोध हो रहा है।












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