स्मृति का पलटवार, कहा शहीदों का अपमान कर कांग्रेस बनाती है 'आदर्श' की बिल्डिंग

अमेठी की गलियों में घूम रहे दोनों नेताओं के बोल ना सिर्फ चुनावी माहौल में गुस्से और विरोध का छोंक लगा रहे हैं, बल्कि अपने-अपने बचाव में एक नए दौर में खुद को रंग रहे हैं।
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इस बयानबाजी में कूद पड़े हैं, राहुल गांधी, स्मृति ईरानी और कुमार विश्वास। मोदी के 'नीच जाति' बयान पर जब संवाददाताओं ने राहुल से जवाब मांगा तो वे बोले कि नीच कर्म होते हैं, जाति नहीं। पलटवार करने में ईरानी ने देर नहीं की। उन्होंने कहा कि नीच कर्म वे होते हैं जो शहीदों का अपमान कर 'आदर्श' की बिल्डिंग बना ली जाए।
वहीं विश्वास ने राहुल पर सीधा निशाना साधा है। विश्वास ने कहा कि राजनीति वह नहीं होती कि भाड़े की भीड़ बुलाकर उनके सामने चुनाव के वक्त हाथ हिलाया जाए और फिर वापस दिल्ली पहुंच कर घोटालों की रणनीति तैयार की जाए।
बयानबाजी के इस दौर ने चुनावी माहौल की दिशा-दशा बदल दी है। आठवें चरण की वोटिंग की शुरुआत भी बयानों से हो रही है और अंजाम भी अब तक बयानों से ही होता आया है।












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