अब कानून के हाथ होंगे और भी लंबे, विदेशों में भी किए अपराध की मिलेगी सजा, हो सकती है कुर्की-जब्ती
भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023 न केवल देश के भीतर बल्कि भारत के बाहर विदेशी देशों में स्थित घोषित अपराधियों की संपत्तियों की कुर्की और जब्ती का प्रावधान पेश करना चाहता है।
इसके साथ ही भारत के साथ शांति स्थापित करने वाले किसी विदेशी राज्य की सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने या वहां के क्षेत्र में लूटपाट करने के लिए सात साल तक की जेल की सजा दी जा सकती है। इन अपराधों के लिए नई धाराएं जोड़ने का प्रस्ताव है।

विदेश में घोषित अपराधी की संपत्ति की कुर्की से संबंधित धारा में यह प्रावधान है कि पुलिस अधीक्षक या पुलिस आयुक्त अदालत में एक आवेदन करेगा और उसके बाद वह अदालत अनुबंधित देश की अदालत या प्राधिकारी से सहायता का अनुरोध करने के लिए कदम उठाएगी, जिसके बाद किसी घोषित अपराधी की संपत्ति की पहचान कर कुर्की और जब्ती की जा सकेगी।
किसी व्यक्ति को फिलहाल कुछ धाराओं के तहत ही 'अपराधी' घोषित किया जा सकता है। यहां तक कि बलात्कार, तस्करी आदि जैसे जघन्य अपराध भी इस श्रेणी में शामिल नहीं हैं। लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता विधेयक के संशोधन प्रस्तावना में 10 साल या उससे अधिक की कैद या आजीवन कारावास या मौत की सजा वाले सभी अपराधों में किसी आरोपी को भगोड़ा घोषित किया जा सकेगा।
जानिए विदेशों में अपराध को लेकर क्या-क्या धाराएं होंगी...?
अलगाव, सशस्त्र विद्रोह, विध्वंसक गतिविधियों, अलगाववादी गतिविधियों या भारत की संप्रभुता या एकता और अखंडता को खतरे में डालने के कृत्य को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा विधेयक इस बात पर भी जोर देता है कि कभी-कभी कोई व्यक्ति किसी ऐसे विदेशी देश में कृत्य कर सकता है जिसके साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंध हो। इन सभी कृत्यों के लिए प्रस्तावित भारतीय न्याय संहिता विधेयक की धारा 151-153 में सजा निर्धारित है।
धारा 151 में क्या होगा...? धारा 151 के मुताबिक, "जो कोई भी भारत सरकार के साथ शांति पर किसी विदेशी राज्य की सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ता है या युद्ध छेड़ने का प्रयास करता है, या युद्ध छेड़ने के लिए उकसाता है, तो उसे सात साल तक सजा या आजीवन कारावास और जुर्माने के साथ/बिना जुर्माने के दंडित किया जाएगा।
धारा 152 में क्या होगा...? धारा 152 में लूटपाट के लिए सजा का प्रावधान किया गया है। धारा 152 के मुताबिक, "जो कोई भी भारत सरकार के साथ शांति में रहने वाले किसी विदेशी राज्य के क्षेत्रों पर लूटपाट करता है, या लूटपाट करने की तैयारी करता है, तो उसे कारावास से दंडित किया जाएगा... जिसे सात साल तक बढ़ाया जा सकता है, और साथ ही साथ जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं लूट करने में इस्तेमाल की गई या इस्तेमाल किए जाने का इरादा रखने वाली या लूट से अर्जित की गई किसी भी संपत्ति को जब्त किया जा सकता है।''
धारा 153 में क्या होगा...? धारा 152 में ऐसे किसी भी व्यक्ति के लिए अधिकतम सात साल की जेल की सजा का प्रावधान है, जो यह जानते हुए भी संपत्ति लेता है कि कि उसने धारा 151 और 152 में उल्लिखित किसी भी अपराध को अंजाम देने के लिए संपत्ति ली है। ऐसा व्यक्ति की संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान है।
प्रस्तावित भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023 में एक नया खंड जोड़ा गया है ताकि पुलिस अदालत की अनुमति से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामलों को छोड़कर, अपराध की आय के रूप में प्राप्त संपत्ति को जब्त और संलग्न कर सके।












Click it and Unblock the Notifications