All-party meeting: महिला आरक्षण विधेयक पर क्षेत्रीय दलों का भी जोर, विशेष संसद सत्र बन सकता है ऐतिहासिक
All-party meeting on Parliament Special Session: सोमवार से शुरू हो रहे विशेष संसद सत्र में अगर मोदी सरकार महिला आरक्षण विधेयक लेकर आई तो उसके पारित होने की संभावना लगभग निश्चित होती जा रही है।
विशेष संसद सत्र को लेकर रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कई क्षेत्रीय दलों ने भी महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने के लिए विधेयक लाए जाने की मांग पर जोर दिया है। इससे पहले सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस की ओर से भी यह मांग की जा चुकी है और सरकार की ओर से भी लगातार इसके संकेत मिल रहे हैं।

क्षेत्रीय दलों ने की महिला आरक्षण बिल पारित कराने की मांग
रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में बीजू जनता दल (BJD) और भारत राष्ट्र समिति(BRS) समेत कई क्षेत्रीय दलों ने संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पेश किए जाने और पारित कराए जाने की मांग की है। संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र से एक दिन पहले रविवार को सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में यह मांग की गई है।
कांग्रेस ने भी CWC के माध्यम से की है मांग
बता दें कि वनइंडिया ने पहले ही रिपोर्ट दी है कि एजेंडा में नहीं होने के बावजदू संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। रविवार को इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी X (पहले ट्विटर) पर दावा किया था कि हैदराबाद में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में विशेष संसद सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पास किए जाने की मांग की गई है।
उन्होंने इस दिशा में कांग्रेस की ओर से उठाए गए कदमों का दावा करते हुए कहा था, 'कांग्रेस पार्टी पिछले 9 साल से मांग कर रही है कि महिला आरक्षण विधेयक, जो पहले ही राज्यसभा से पारित हो चुका है, उसे लोकसभा से भी पारित कराया जाना चाहिए।'
सर्वदलीय बैठक में इन दलों के नेता हुए शामिल
इस सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, पूर्व पीएम और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा, डीएमके की कणिमोझी, टीडीपी के राम मोहन नायडू, टीएमसी के डेरेक ओ'ब्रायन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, बीजेडी के सस्मित पात्रा, बीआरएस के के केशव राव, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वी विजयसाई रेड्डी, आरजेडी के मनोज झा, जेडीयू के अनिल हेगड़े और समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव जैसे नेता शामिल हुए।
विशेष संसद सत्र में संसद के 75 साल की यात्रा पर भी चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत 9 दिसंबर, 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक के साथ हुई थी। सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से लोकसभा में सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा में सदन के नेता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी शामिल हुए। (इनपुट पीटीआई)












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