जानिए नासिक कुंभ मेला 2015 के बारे में जरूरी बातें
नासिक। आज से नासिक-त्रयंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला की शुरूआत हो गई है। आज महराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने त्रयंबकेश्वर में मेले का उद्घाटन किया।
आईये जानते हैं इस पावन पर्व के बारे में कुछ खास बातें जिन्हें जानना आपके लिए काफी जरूरी है..
- आस्था के पावन पर्व नासिक कुंभ मेला भारत में चार जगहों पर हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक- में लगता है। इस बार यह नासिक में लगा है।
- इनमें से प्रत्येक स्थान पर प्रति बारहवें वर्ष इस पर्व का आयोजन होता है।
- हरिद्वार और प्रयाग में दो कुंभ पर्वों के बीच छह वर्ष के अंतराल में अर्धकुंभ भी होता है।
- खगोल गणनाओं के अनुसार यह मेला तब प्रारम्भ होता है, जब सूर्य और चन्द्रमा, वृश्चिक राशी में और वृहस्पति, मेष राशी में प्रवेश करते हैं।
- इस योग को "कुम्भ स्नान-योग" कहते हैं और इस दिन को विशेष मंगलिक माना जाता है, क्योंकि यह माना जाता है कि इस दिन पृथ्वी से उच्च लोकों के द्वार इस दिन खुलते हैं और इस प्रकार इस दिन स्नान करने से आत्मा को उच्च लोकों की प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
- आज से नासिक कुंभ की शुरूआत हुई है जो कि ढाई महीने तक चलेगा।
नासिक में स्थानीय निकाय ने 315 एकड़ से अधिक बड़े स्थान पर साधुओं के रहने के लिए 'साधू ग्राम' तैयार किया है। - इस 'साधू ग्राम' में सैकड़ों तंबू लगाए गए हैं और शौचालयों, 24 घंटे पेयजल, एलपीजी सिलिंडरों और बिजली की व्यवस्था की गई है।
- इस कुंभ मेला का पहला शाही स्नान नासिक-त्रयम्बकेश्वर में में 29 अगस्त को होगा।
- उसके बाद शाही स्नान नासिक में 13 सितंबर और 18 सितंबर को होगा जबकि त्रयम्बकेश्वर में 13 सितंबर और 25 सितंबर को होगा।
- 'परवानी' दिवसों में शाही स्नान होता है और तब करीब 15,000 पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।
- राज्य सड़क परिवहन निगम ने इस अवसर पर 3,000 विशेष बसें मुहैया कराई हैं। जबकि रेलवे ने विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था की है।
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