पायल तडवी खुदखुशी मामले में तीनों आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार, जाति को लेकर देते थे ताना

नई दिल्ली। हाल ही में मुंबई के नायर अस्पताल में एक 23 साल की मेडिकल छात्रा पायल तडवी ने आत्महत्या कर ली। गायनेकोलॉजिस्ट और ऑब्सटैट्रिक्स डिपार्टमेंट में सेकंड ईयर की इस छात्रा का मां ने उसकी सीनियर डॉक्टर्स पर रैगिंग और जातिसूचक तानों का आरोप लगाया था। पुलिस ने इन तीनों डॉक्टरों डॉ. हेमा आहुजा, डॉ भक्ती अहिरे और डॉ. अंकिता खंडेलवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। तीनों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। तीनों को 31 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

'अधिक कामकाज को रैगिंग का नाम दिया जा रहा'

'अधिक कामकाज को रैगिंग का नाम दिया जा रहा'

इसके अलावा आत्महत्या के लिए उकसाने और महाराष्ट्र प्रोहिबिशन ऑफ रैगिंग एक्ट 1999 के तहत भी तीनों पर आईपीसी की धाराएं लगाई गई हैं। उन्हें बुधवार को अदालत में पेश होना है। पुलिस ने मंगलवार को डॉ भक्ती अहिरे को गिरफ्तार किया है जबकि डॉ. हेमा आहुजा और डॉ. अंकिता खंडेलवाल फरार थीं। हालांकि अब उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि तीनों आरोपी डॉक्टरों ने महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स (MARD) को खत लिखकर आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि- यदि अधिक कामकाज को रैगिंग का नाम दिया जाता है तो हम सब की रैगिंग हुई है।

समय पर अस्पताल प्रशासन ने नहीं दिखाई गंभीरता

समय पर अस्पताल प्रशासन ने नहीं दिखाई गंभीरता

रेजिडेंट डॉक्टर पायल की मां अबेदा ताडवी ने आरोप लगाया है कि- "अगर अस्पताल प्रशासन ने इस मामले पर थोड़ा संवेदनशीलता दिखाई होती तो आज मेरी बेटी जिंदा होती।" सुसाइड करने से कुछ घंटे पहले पायल ने अपनी मां अबेदा से कहा था कि- वह अपनी तीनों सीनियर की प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं कर पा रही। वहीं पायल के पिता सलीम ने कहा, "शुरू के छह महीने सही थे। सीनियर्स और जूनियर्स के बीच हल्की नोंकझोक चलती रहती है, लेकिन पायल ने कभी नहीं सोचा था कि उसे इतना प्रताड़ित किया जाएगा।

रिजर्व कोटे से एडमीशन को लेकर मारा जाता था ताना

रिजर्व कोटे से एडमीशन को लेकर मारा जाता था ताना

पायल के पिता ने आगे बताया कि- 2018 में जब उसके साथ ये सब हुआ, तो उसने इस बारे में हमें बताया। इसके बाद हमने उसके पति डॉ सलमान से बात की और सलमान ने कहा कि ये सब होता रहता है और पायल को इसे नजरअंदाज करना चाहिए।" रिपोर्ट के मुताबिक पायल ने यह सब नजरअंदाज करने की कोशिश की लेकिन सीनियर्स ने उसे प्रताड़ित करना बंद नहीं किया। आरोपी लड़कियां अक्सर उसकी कास्ट और रिजर्व कोटे के जरिए मेडिकल में हुए उसके एडमिशन को लेकर उसे ताना मारती रहती थीं।

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