Gangubai Kathiawadi: आखिर कौन थी 'गंगूबाई काठियावाड़ी', जिसके किरदार को पर्दे पर निभा रही हैं आलिया भट्ट?

मुंबई। मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की फिल्म का मतलब होता है, भव्य सेट, कलात्मक कहानी और दमदार एक्टिंग। इसी वजह से लोग उनकी मोस्ट अवेटड फिल्‍म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 24 फरवरी यानी कि अपने जन्मदिन के मौके पर अपनी मां को समर्पित करते हुए भंसाली ने इस फिल्म का टीजर रिलीज किया, जो कि उम्मीद के मुताबिक काफी प्रभावशाली है।

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    Gangubai Kathiawadi: कौन थी 'Gangubai Kathiawadi' ? जानें असली कहानी ? । वनइंडिया हिंदी
    आखिर कौन थी 'गंगूबाई काठियावाड़ी'?

    आखिर कौन थी 'गंगूबाई काठियावाड़ी'?

    ट्रेलर में 'गंगूबाई काठियावाड़ी' बनी आलिया भट्ट को देखकर आप पूरी तरह से चौंक जाएंगे। अभी तक पर्दे पर चुलबुली और बिंदास दिखने वाली आलिया भट्ट टीजर में एकदम जुदा अंदाज में नजर आ रही हैं। बता दें कि कि ये फिल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' की रीयल कहानी पर आधारित है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर 'गंगूबाई काठियावाड़ी' थी कौन?, जिसका किरदार आलिया भट्ट निभा रही हैं। तो सुनिए 'गंगूबाई काठियावाड़ी' उस महिला का नाम है जो कि मुंबई के हीरामंडी नाम की जगह पर एक कोठा चलाती थी, जिसे कि मशहूर लेखक हुसैन जैदी ने अपनी किताब में माफिया क्वीन के नाम से संबोधित किया है।

    बाली उमर के प्रेम ने पहुंचा दिया बदनाम गलियों में

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    बेइतंहा हुस्न की मालकिन गंगूबाई का असली नाम गंगा हरजीवनदास काठियावाड़ी था, उनके परिवार के लोग गुजरात के काठियावाड़ में रहते थे। इसी वजह से उनका नाम 'गंगूबाई काठियावाड़ी' पड़ गया था। 'गंगूबाई काठियावाड़ी' ने जीवन में एक गलत इंसान से प्यार किया था, जिसकी वजह से वो हरजीवनदास से गंगूबाई बन बैठी। दरअसल मात्र 16 बरस की उम्र में वो अपने पिता के अकाउंटेंट रमणीक लाल के इश्क में पागल हो गई थीं, वो अभिनेत्री बनना चाहती थीं, रमणीक लाल ने इसी बात का फायदा उठाया और उन्हें भगाकर मुंबई ले आया।

     फ्रेंचाइजी कोठे खोलने वाली पहली महिला थी गंगूभाई

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    लेकिन जिसके भरोसे गंगूबाई ने अपना सबकुछ छोड़ा उसने धोखे से उन्हें मात्र 500 रुपए में एक कोठे पर बेच दिया। कोठे पर पहुंचने के बाद हरजीवनदास का अंत हो गया और गंगूबाई का जन्म हुआ। यहां उनके रिश्ते अंडरवर्ल्ड के लोगों से बने और देखते ही देखते गंगूबाई बदनाम गलियों की बड़ा नाम बन गईं, जिससे इलाके के लोग डरते थे और उनके आगे माथा टेकते थे। मुंबई के अलावा देश के कई शहरों में फ्रेंचाइजी कोठे खोलने वाली वो पहली महिला थीं।

     डॉन करीम लाला के साथी ने किया था रेप

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    जैदी ने अपनी किताब में लिखा है कि डॉन करीम लाला के एक साथी ने गंगूबाई का बलात्‍कार किया था जिसके बाद वह करीम लाला के पास इंसाफ मांगने गईं थीं और उसे राखी बांधकर अपना भाई बनाया था। जिसके बाद करीम लाला ने अपने साथी और गंगूभाई के अपराधी को मार डाला था और उसकी गैंग लिस्ट में गंगूबाई शामिल हो गई थीं लेकिन धोखे से वैश्यावृत्ति के धंधे में शामिल हुई गंगूबाई ने उन लड़कियों के विकास के लिए बहुत काम किए, जो गलती से देहव्यापार में शामिल हो जाती थीं।

    बदनाम गलियों की देवी थी 'गंगूबाई'

    उन्होंने सेक्स वर्कर के घर-परिवार के लिए भी काफी काम किए थे, उन्होंने उनके लिए कई कोठियां बनवाई थी और उनके बच्चों को पढ़ाने के लिए कई स्कूल भी खुलवाए थे इसलिए जु्र्म की दुनिया और अय्याश गलियों में लोग उन्हें किसी भी नाम से पुकारे लेकिन वो बदनाम गलियों में देवी के रूप में पूजी जाती थीं। कहते हैं कि वो एक एनकाउंटर की शिकार हुई थीं। फिलहाल गंगूबाई की कहानी को लोग पर्दे पर देखने को बेकरार हैं, फिल्म के टीजर ने फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ा दी है, देखते हैं फिल्म लोगों के दिल पर क्या असर करती है। बता दें कि ये फिल्म 30 जुलाई को सिनेमाघरों में पहुंच रही है।

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