अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में जाने से रोकने पर ममता और नायडू का योगी सरकार पर हमला
अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में जाने से रोकने पर ममता और नायडू का योगी सरकार पर हमला
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने से रोके जाने को ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा की तानाशाही करार दिया है। ममता बनर्जी ने कहा, योगी सरकार में अगर एक पूर्व मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय जाने से रोका जा रहा है तो ये ठीक नहीं है। बनर्जी ने कहा कि अखिलेश को उत्तर प्रदेश में तो एमएलए जिग्नेश मेवाणी को गुजरात में एक यूनिवर्सिटी में जाने से रोका गया है, वहां उनको भाजपा के गुंडों ने धमकाया। ये शर्मनाक है, हम इसकी निंदा करते हैं। इस देश में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वहीं आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू भी खुलकर यादव के पक्ष में आ गए हैं। नायडू ने भाजपा सरकार के यादव को विश्वविद्यालय जाने से रोकने की निंदा की है।

मंगलवार को छात्रसंघ के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जा रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लखनऊ प्रशासन ने एयरपोर्ट पर ही रोक दिया। अखिलेश ने इसको लेकर कहा कि मुझे दुख है कि वहां मुझे जाने नहीं दिया गया। मैं वहां अपनी बात रखता लेकिन सरकार की नीयत साफ नहीं रही। मैंने महीनों पहले अपना कार्यक्रम भेजा था जब उदय यादव 27 दिसंबर को जीत कर आए थे। बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। यादव ने कहा, पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे। छात्र संघ कार्यक्रम में जाने से रोकना का एक मात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है।
अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ कार्यक्रम में जाने की परमिशन न मिलने और प्रशासन द्वारा अमौसी एयरपोर्ट पर रोक जाने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें सपा सांसद धर्मेंद्र यादव भी घायल हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को रोके जाने पर कहा है कि सपा को अपनी अराजकतावादी गतिविधियों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने उनसे अनुरोध किया था कि छात्र संगठनों के बीच विवाद के कारण उनकी यात्रा कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकती है। इसलिए सरकार ने यह कदम उठाया है।












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