सपा ने शुरू की 2019 की तैयारी, कन्नौज से लड़ेगे अखिलेश यादव!
आठ जनवरी को अखिलेश यादव ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी की बैठक बुलाई है। इसमें सभी विधायकों और विधान सभा चुनाव हारने वाले नेताओं को भी बुलाया गया है
नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव से सबक लेते हुए समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी है। यूपी के समाजवादी परिवार में अब कोई घमासान नहीं दिख रहा है। यहां चर्चा इस बात की होने लगी है कि अगले लोकसभा चुनाव में कौन कहां से चुनाव लड़ेगा। मुलायम सिंह यादव ने अपने लिए सीट रिजर्व करा ली है। मुलायम सिंह दुबारा आजमगढ़ से चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। महीने भर पहले मैनपुरी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से ही मैनपुरी से लड़ने का एलान कर दिया था। वहीं यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के कन्नौज से चुनाव लड़ने की खबर है।

कन्नौज में किस्मत आजमाएंगे अखिलेश
अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव अभी कन्नौज से सांसद हैं। विदेश दौरे के दौरान राहुल गांधी ने जब राजनीति में अखिलेश यादव के परिवारवाद का जिक्र किया था। तब अखिलेश ने अपनी पत्नी डिम्पल यादव के कभी भी चुनाव ना लड़ने का एलान कर दिया था। खबरों के मुताबिक अखिलेश यादव खुद यहां से किस्मत आजमाने के मूड में है। कन्नौज में पिछ्ला लोकसभा चुनाव कांटे का रहा था। समाजवादी पार्टी की डिम्पल यादव और बीजेपी के सुब्रत पाठक में सिर्फ उन्नीस हज़ार वोट का अंतर था। अखिलेश यादव नहीं चाहते कि फिरोजाबाद जैसा फिर कुछ हो जाए। 2009 के लोक सभा उपचुनाव में कांग्रेस के राज बब्बर ने उनकी पत्नी डिम्पल को हरा दिया था।

8 जनवरी को समाजवादी पार्टी की बैठक
आठ जनवरी को अखिलेश यादव ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी की बैठक बुलाई है। इसमें सभी विधायकों और विधान सभा चुनाव हारने वाले नेताओं को भी बुलाया गया है। इस मीटिंग में अगले लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा होगी। समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव फ़िरोज़ाबाद से सांसद हैं, वे दुबारा चुनाव लड़ेंगे। अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव बदायूं से फिर चुनाव लड़ेंगेष वे दो बार यहां से चुनाव जीत चुके हैं। 2014 के चुनाव में समाजवादी पार्टी यूपी की अस्सी में से सिर्फ पांच सीटों पर जीत पाई थी। जीतने वाले मुलायम सिंह और उनके परिवार के ही थे।

लोकसभा चुनाव की तैयारी
इस बार लोकसभा चुनाव के लिए एसपी ने सबसे पहले तैयारी शुरू कर दी है। बाकायदा फॉर्म के जरिए आवेदन मांगे जा रहे हैं और छंटनी के बाद 'योग्य' उम्मीदवारों की तलाश शुरू होगी। पर लोकसभा चुनाव के लिए परिवार के सदस्यों के लिए 'सेफ' सीट पर भी मंथन शुरू हो गया है। मुलायम परिवार में कौन कहां से लड़ेगा, इसकी तैयारी भी पहले से शुरू कर दी गई है। जो 'सेफ' सीटें छांटी गई हैं, वहां पहले से पूर्व विधायकों, सांसदों, पूर्व सांसदों और मौजूदा विधायकों के साथ संगठन को पूरी तैयारी करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।












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